जरूरी बातें

नाट्य संस्था दर्पण के महासचिव, प्रख्यात रंगकर्मी और सुपरिचित वैज्ञानिक डॉ. अनिल रस्तोगी को 2019 के लिए मध्य प्रदेश सरकार देगी कालिदास सम्मान।
प्रतिष्ठित कालिदास सम्मान के साथ दी जाएगी दो लाख रुपये की धनराशि।
लखनऊ के डॉ.अनिल रस्तोगी सीडीआरआई (CDRI) में रह चुके हैं वैज्ञानिक।
1000 थिएटर नाटक और इशकज़ादे जैसी बड़ी फिल्मों में कर चुके है अभिनय।

एक अभिनेता सिनेमा हॉल के परदे पर अपने अच्छे अभिनय से हज़ारों तालियाँ और तारीफ़ें बटोरता है, लेकिन पर्दे पर दिख रहे उस अभिनय के पीछे कई वर्षों की कड़ी मेहनत, पात्र की समझ, धैर्य और अपने काम के प्रति जुनून शामिल होता है। इन सब चीज़ों को मिला कर एक अभिनेता तैयार होता है और उसके लिए गर्व की बात तब होती है जब उसकी मेहनत को पहचान और सम्मान मिले।

ऐसे ही एक प्रख्यात रंगकर्मी हैं डॉ.अनिल रस्तोगी जिन्हें मध्य प्रदेश सरकार ने 2019 के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कालिदास सम्मान से नवाज़ने का एलान किया है और इसी के साथ उन्हें दो लाख रुपये की धनराशि भी प्रदान करी जाएगी। जिस तरह एक अभिनेता फिल्मों में कई किरदारों को निभाता है उसी तरह अनिल रस्तोगी ने भी अपनी फ़िल्मी और असल ज़िन्दगी में भी कई किरदारों को निभाया है जिसके बारे में आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे।

नवाबों के शहर लखनऊ से रखते हैं वास्ता 

डॉ.अनिल रस्तोगी का जन्म उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूल की शिक्षा भी यहीं से पूरी करी थी। बचपन से पढ़ाई में रूचि रखने वाले डॉ.अनिल रस्तोगी ने स्कूल के बाद स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से पूरी की।

माइक्रोबायोलॉजी में अपनी डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त  करने के बाद साल 1962 में सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टिट्यूट, सीडीआरआई (CDRI),लखनऊ में जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के पद पर अपना कार्यभार संभाला और साल 2003 में जैव रसायन (Biochemistry) और निदेशक ग्रेड वैज्ञानिक संस्थान के प्रमुख के पद से सेवामुक्त हुए। इस बीच किसी ने नहीं सोंचा था की एक वैज्ञानिक, भारतीय सिनेमा में अपने हुनर का परिचय देगा।  

थिएटर से करी थी शुरुआत

 

एक अभिनेता, अभिनय की दुनिया में तब ही मंझ पाता है जब उसने थिएटर में अपना योगदान दिया हो। वर्तमान में दर्पण थिएटर ग्रुप के जनरल सेक्रेटरी डॉ.अनिल रस्तोगी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत ही थिएटर से की। उन्होंने लगभग 1000 थिएटर परफॉर्मेंस की जिसमे 100 नाटक ऐसे थे जो हिंदी भाषा में थे। उन्होंने पंछी जा पंछी आ, विभाष, कन्यादान आदि में कई किरदार निभाए थे। डॉ.अनिल रस्तोगी ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सबको ये दिखा दिया की जिंदगी में कुछ भी मुमकिन है और लखनऊ शहर के कलाकारों के लिए एक उदाहरण स्थापित कर दिया है। 

बॉलीवुड में बिखेरा है अपनी एक्टिंग का जलवा

साल 1989 में टीवी सीरियल उड़ान में डॉ.अनिल रस्तोगी को अपना पहला ब्रेक मिला। धीरे-धीरे समय बढ़ा और साल 2005 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘पति पत्नी और वो’ उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म थी। इस बीच उन्होंने कई बड़ी हस्तियों के साथ फिल्मों में काम किया जैसे इशकजादे, मुल्क, थप्पड़, दी एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर आदि। डॉ. अनिल रस्तोगी की विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी अवार्ड, अवध सम्मान और यश भारती अवार्ड भी मिल चुका है। 

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