मुख्य बिंदु

केजीएमयू में सेंट्रल इंडिया का पहला क्लीनिकल ट्रायल सेंटर खोला जाएगा।
संस्थान में क्लीनिकल ट्रायल सेंटर खोलने की मंजूरी आईसीएमआर से मिल चुकी है। जिससे नई दवा और वैक्सीन के लिए लास्ट फेज का ट्रायल किया जा सकेगा।

लखनऊ का प्रतिष्ठित केजीएमयू अब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का एडवांस क्लिनिकल ट्रायल सेंटर बन गया है। आईसीएमआर ने इंडियन क्लीनिकल ट्रायल एंड एजुकेशन नेटवर्क (इंटेंट) के तहत देश में कई संस्थान चुने हैं। इसमें यूपी से अकेले केजीएमयू है, इसके तहत अब दवा और वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए सेंट्रलाइज व्यवस्था होगी। इससे क्लीनिकल ट्रायल का दायरा बढ़ेगा और सटीक परिणाम आ सकेंगे।

केजीएमयू में एडवांस क्लीनिकल ट्रायल सेंटर की कमान एमएस डॉ. डी हिमांशु को सौंपी गई है। डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि सेंटर बनने के बाद क्लीनिकल ट्रायल की संख्या बढ़ाई जा सकेगी साथ ही दवा और ट्रायल ज्यादा लोगों पर हो सकेगा, जिससे परिणाम और बेहतर हो सकेंगे।

केजीएमयू समेत देश के 12 केंद्रों पर होगा दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल

आईसीएमआर ने इंडियन क्लीनिकल ट्रायल एंड एजुकेशन नेटवर्क के तहत 5 कैटेगरी में संस्थान चुने। इसमें सबसे ऊपर एडवांस सेंटर फॉर क्लीनिकल ट्रायल कैटेगरी है, जिसमें 12 केंद्र है। सेंट्रल जोन में अकेले केजीएमयू सेंटर बना है, जबकि नार्थ जोन में एम्स दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़, वेस्ट जोन एसएमएस जयपुर और महाराष्ट्र के महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट और आईसीएमआर-नारी का चुनाव हुआ है। एम्स भुवनेश्वर आईसीएमआर-नाइसेड कोलकाता, नार्थ ईस्ट से नार्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी नेशनल इंस्टिट्यूट और दक्षिण जोन में जिपमर पुडुचेरी, एआइएमएस कोची चुने गये हैं। इसके अलावा छह रीजनल सेंटर, 20 आइसीएमआर सेंटर, छह सुपरस्पेशलिटी सेंटर फार क्लीनिकल ट्रायल बने हैं।

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