कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) की ओपीडी में मरीजों को दिखाने के लिए नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 13 जनवरी से कोरोना की जांच की नेगेटिव रिपोर्ट के बिना कोई भी मरीज़ डॉक्टर से परामर्श नहीं ले पाएगा।

अब हर ओपीडी में देखे जाएंगे केवल 20 नए मरीज़

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए संस्थान में नए मरीज़ों की संख्या को भी 20 तक सीमित किया जाएगा। फॉलोअप मरीज़ों की संख्या 30 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, एक मरीज के साथ केवल एक अटेंडेंट को ही जाने की अनुमति होगी औऱ उन्हें भी नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी पड़ेगी।

संस्थान प्रशासन ने भर्ती होने वाले मरीजों के लिए पहले ही कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट की बाध्यता रखी थी, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए आदेश के अनुसार ओपीडी में दिखाने के लिए 72 घंटे के अंदर की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की ज़रूरत होगी। इस नियम से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीज़ों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अभी तक ओपीडी में दिखाने के लिए कोरोना की दो वैक्सीन लगाने का प्रमाण पत्र मान्य था। इसके अलावा नए मरीजों को दिखाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी कराना होगा।

 

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