मुख्य बिंदु

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का नया मुख्यालय यूपी पुलिस मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग जैसा अत्याधुनिक होगा।
इस भवन का निर्माण 9000 वर्ग मीटर में करीब 47.44 करोड़ रुपये की लागत से होगा और इसके निर्माण में करीब 2 साल का वक्त लगेगा।
पुलिस कमिश्नरेट के इस नए मुख्यालय में पुलिस कमिशनर, जॉइंट पुलिस कमिशनर क्राइम, जॉइंट पुलिस कमिशनर लॉ एंड आर्डर, डीसीपी क्राइम के अलावा एलआईयू, डीसीआरबी समेत कई अन्य कार्यालय के साथ पुलिस विभाग के अन्य गोपनीय विभागों का भी कार्यालय होगा।
वर्तमान में प्रदेश के 4 जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। इनमें, लखनऊ, नोएडा, वाराणसी और कानपुर शामिल है।

लखनऊ में पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए और पुलिसकर्मियों को एक उत्कृष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने के उद्देश्य से अब पुलिस कमिश्नरेट का नया मुख्यालय पूरी तरह से पुलिस मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग तर्ज पर ही बनाया जाएगा। डीजीपी आवास के पास बनने वाला यह इस मुख्यालय का भवन 9000 वर्गमीटर में 47.44 करोड़ रुपये की लागत से बनाकर तैयार होगा और इसके निर्माण में करीब 2 साल का वक्त लगेगा। यह बिल्डिंग पूरी तरह से सिग्नेचर बिल्डिंग की तरह हाईटेक होगी और इसके 7वें मंजिल पर पुलिस कमिशनर का कार्यालय होगा। इसका ऑनलाइन शिलान्यास मुख्यमंत्री ने 5 जनवरी को पुलिस लाइन में पासिंग आउट परेड के दौरान कर दिया था। इसके निर्माण कार्य का जिम्मा गृह विभाग ने उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम को दिया है और जो दो साल के अंदर इसको बनाकर कमिश्नरेट को सौंप देगा।

Pictorial Representation – Varanasi Police Commissionerate New Building

उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जनवरी 2022 को नोएडा और लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को लागू किया था ताकि इन दोनों जिलों में लॉ एंड आर्डर को बेहतर किया जा सके और लोगों को एक बेहतर पुलिसिंग सेवा मिल सके। इसके बाद नियमानुसार एडीजी स्तर के अधिकारी को जिले में पुलिस कमिशनर बनाकर जिले में कानून व्यवस्था की कमान सौंपी गई थी। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से ही लखनऊ में कमिश्नरेट मुख्यालय के लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई थी ताकि एक आधुनिक पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय बनाया जा सके। आपको बता दें कि वर्तमान में प्रदेश के 4 जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। इनमें, लखनऊ, नोएडा, वाराणसी और कानपुर शामिल है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को लागू किया जा सकता है।

कमिशनर, जॉइंट कमिशनर समेत पुलिस विभाग के अन्य गोपनीय विभागों का भी कार्यालय होगा

पुलिस कमिश्नरेट के इस नए मुख्यालय में पुलिस कमिशनर, जॉइंट पुलिस कमिशनर क्राइम, जॉइंट पुलिस कमिशनर लॉ एंड आर्डर, डीसीपी क्राइम के अलावा एलआईयू, डीसीआरबी समेत कई अन्य कार्यालय के साथ पुलिस विभाग के अन्य गोपनीय विभागों का भी कार्यालय होगा। इस भवन में पार्किंग की भी व्यवस्था होगी और यह पूरी तरह से अंडर ग्राउंड पार्किंग होगी। इसके साथ ही कैफेटेरिया, मीटिंग रूम, पुलिस कमिशनर का गोपनीय कार्यालय और कर्मचारियों के बैठने के लिए हाईटेक नए तरीके से व्यवस्था होगी। यह भवन पूरी तरह से वातनुकूलित होगी और इसमें आने जाने के लिए लिफ्ट की भी सुविधा होगी। इस भवन के बन जाने से लोगों को अपनी शिकायत और फरियाद के लिए ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का एक मात्र केंद्र होने के चलते आसानी से मॉनिटरिंग भी हो सकेगी।

पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने से पहले डालीगंज में था लखनऊ के एसएसपी का कार्यालय

लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद डालीगंज स्थित एसएसपी कार्यालय को जेसीपी लॉ एंड आर्डर को दिया गया था और इसी भवन में पुलिस कमिशनर की कोर्ट भी बनाई गई थी। अब कमिश्नरेट का नया मुख्यालय बन जाने के बाद एसएसपी कार्यालय में पुलिस कमिश्नरेट की कोर्ट चलेगी। कोर्ट का काम बेहतर और सुचारु रूप से चल सके इसके लिए यहां पर कोर्ट का निर्माण करवाया जाएगा और कोर्ट से जुड़े सभी कार्यालय यहीं पर होंगे। इसके साथ ही लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में कहीं भी कोई अपराधी गिरफ्तार होता है तो उसकी पेशी और सुनवाई यहीँ होगी और यहीं से कानूनी कार्रवाई करते हुए अपराधियों को जेल भेजा जाएगा।

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