उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी स्क्वाड (यूपी-एटीएस) जल्द ही अपनी तरह का पहला महिला पुलिस स्क्वाड तैनात करने के लिए तैयार है। पुलिस विभाग में समान अवसरों और पदों का एक शक्तिशाली परिचय देते हुए, नए बल को स्पॉट (SPOT) के रूप में जाना जाएगा, जो विशेष पुलिस ऑपरेशन टीम (Special Police Operation Team) है। कथित तौर पर, यूनिट में 58 महिला कर्मी शामिल होंगी, जिसमें एक डॉग स्क्वायड, एक बम डिस्पोजल स्क्वॉड और एक वायरलेस ट्रैपिंग टीम शामिल होगी।

SPOT यूपी-एटीएस की विशेषज्ञ, प्रशिक्षित और कुशल यूनिट के रूप में कार्य करेगा



उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी स्क्वाड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग ने इसके लिए सरकार के सामने एक प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में प्रशासन की हरी झंडी का इंतजार है, इस ड्राफ्ट में गृह विभाग के अधिकारियों के इनपुट और बजट समीक्षाएं शामिल हैं।

महिला स्क्वाड का यह नया गठन कार्यस्थलों पर महिलाओं के योगदान में वृद्धि के विचार को बढ़ावा देगा। इससे गंभीर क्षेत्रों में महिला सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह यूनिट बचाव अभियान चलाने और महिला द्वारा किये गए अपराधों से निपटने में भी मदद करेगी।

SPOT एक विशेष यूनिट के रूप में कार्य करेगा, जिसमें महिलाकर्मियों को आतंकवादी हमले जैसे एंटी हाईजैकिंग और काउंटर सर्जेन्सी कार्यों से निपटने के लिए ट्रेन किया जाएगा। बल में कुशल और कौशल के स्तंभों को बनाए रखने के लिए बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित कमांडो का एक बैच होगा। एटीएस महानिरीक्षक जी.के. गोस्वामी ने कहा कि स्पॉट शांतिकाल के दौरान सुरक्षा सर्वेक्षण भी करेगा और जिला पुलिस की विशेष हथियार उन्नत रणनीति टीमों को प्रशिक्षित करेगा।

उत्तर प्रदेश 3 महिला बटालियनों की देखरेख करेगा

जबकि एटीएस की एक विशेष यूनिट की अवधारणा पहली बार 2018 में उठाई गई थी, इस यूनिट में विशेष रूप से पुरुष शामिल थे। हालांकि, मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य ने 3 सर्व-महिला बटालियन बनाने के लिए शाखा लगाना शुरू कर दिया है।

SPOT का लखनऊ के सरोजिनी नगर में एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र है और एडीजी, कानून और व्यवस्था, प्रशांत कुमार ने कहा कि वाराणसी, आगरा, खीरी और श्रावस्ती में SPOT की और यूनिट्स को बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।