महामारी के बीच उत्तर प्रदेश की नई 'ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2021' को राज्य को दोहरा लाभ देने के लिए तैयार किया गया है। इस रणनीति से न केवल राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ती में मदद मिलेगी, बल्कि इससे लोगों को रोज़गार के नए अवसर भी मिलेंगे। शनिवार शाम को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित, इस नई नीति से मेडिकल सप्लाई के उत्पादन में निजि निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, इच्छुक इकाइयों को अपने प्रस्ताव अधिसूचना जारी होने के 6 महीने के अंदर देने होंगे।

एक तीर से दो निशाने


नई नीति का खाका 'अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग' (Infrastructure and industrial development department) द्वारा तैयार किया गया था ,और इसका उद्देश्य कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच ऑक्सीजन की अधिक मांग को पूरा करने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ावा देना है। सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस रणनीति से एलएमओ प्लांट, मेडिकल ऑक्सीजन, जिओलाइट, सिलेंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, क्रायोजेनिक टैंकर और कंटेनर निर्माण इकाइयों में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। कथित तौर पर, सरकार के अनुसार, होम आइसोलेशन या अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के लिए 1,200 टन ऑक्सीजन की अनुमानित दैनिक आवश्यकता है।

जरूरतमंदों को दी जाएगी आर्थिक सहायता


महामारी से उत्पन्न हुए आर्थिक संकट के चलते, यूपी सरकार ने समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े हुए वर्गों के लिए एक महीने के लिए 1,000 रुपये का भत्ता देने का भी फैसला किया है। इसमें छोटे दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा/ई-रिक्शा चलाने वाले, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि शामिल होंगे, जिन्हें कोरोना कर्फ्यू के दौरान आय का नुकसान हुआ है। कथित तौर पर, राज्य ने लगभग 1 करोड़ ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की है, जो वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

राज्य में 24 मई तक लगे लॉकडाउन के साथ, यूपी सरकार ने पात्र अंत्योदय और घरेलू राशन कार्ड धारकों को तीन महीने तक मुफ्त राशन देने की भी घोषणा की है। इसके अलावा कम्युनिटी किचन भी गरीबों को खाना मुहैया कराते रहेंगे। सरकार के प्रवक्ता ने कहा, "कोविड से उत्पन्न स्थिति में गरीब और जरूरतमंद लोगों को हो रही कठिनाई को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, इससे राज्य के लगभग 15 करोड़ लोगों को लाभ होगा।"

- आईएएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार