देश अभी भी दूसरी कोविड लहर के भयानक प्रभावों से निपट रहा है, नागरिकों की रक्षा और महामारी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए भारतीय सशस्त्र बल लगातार अपना योगदान दे रही है। हाल ही में, भारतीय वायु सेना ने 1,419 से अधिक घंटों की कुल 732 उड़ानों को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस उपलब्धि के साथ, भारतीय वायुसेना ने एक सप्ताह में अपने उड़ान समय को लगभग तीन गुना बढ़ाकर 500 घंटे से के 1500 घंटे के करीब कर दिया है।

भारतीय वायुसेना लगातार कोविड की लड़ाई में दे रहा है अपना सहयोग


जबसे भारत कोविड की दूसरी लहर से अपनी जंग लड़ रहा है, तभी से भारतीय वायू सेना लगातार अस्पतालों की मदद करने के लिए कोविड रिलीफ ऑपरेशन चला रही है। भारतीय वायु सेना ने सिंगापुर से दो ऑक्सीजन टैंकर एयरलिफ्ट करने के लिए 24 अप्रैल को अपनी पहली उड़ान भरी थी। इसके अलावा, गंभीर रोगियों और मरने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय वायुसेना को ऑक्सीजन कंटेनरों के परिवहन में तेजी लाने के लिए कहा गया था। इस अभियान में, वायु सेना के C17 और IL76 परिवहन विमान बहुत मददगार रहे हैं। भारी वजन उठाने की क्षमता होने के कारण, इन हवाई जहाजों ने भारी मात्रा में ऑक्सीजन कंटेनर और ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को देश में पहुंचाने में मदद की है।

भारत के अलावा भारतीय वायुसेना के विमानों ने यूएई, थाईलैंड, सिंगापुर, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, इज़राइल और यूके जैसे अन्य देशों के लिए भी उड़ाने भरी और देश के चिकित्सा बुनियादी ढांचे को लाभान्वित किया। भारतीय वायुसेना के बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे विमानों ने 480 घंटे की 98 उड़ानें भरी हैं, इसके जरिए 95 कंटेनर्स विदेशों से स्वदेश लाए गए हैं." उन्होंने कहा कि विदेशों से लाए गए कंटेनर्स में 793.1 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ढोया गया, जबकि 204.5 मीट्रिक टन के अन्य सामान और उपकरण भी विदेशों से लाए गए।

ऑकसीजन की आपूर्ती के लिए घरेलू स्तर पर भी ऑक्सीजन टैंकरों को किया स्थानांतरित


अपने ऑपरेशन के संचालन के साथ, भारतीय वायुसेना ने ना केवल चिकित्सा आपूर्ति और कोविड राहत संसाधनों को दुनिया भर से स्थानांतरित किया है, बल्कि पिछले महीने घरेलू स्तर पर भी उड़ानों की संख्या को बढ़ाया है। इस कार्यक्रम के तहत दो ऑक्सीजन टैंकरों को क्रमशः आगरा से जामनगर और इंदौर से जामनगर पहुंचाया गया था।

भारतीय वायु सेना ने कहा, "विमान ने 12 मई को सुबह 1:30 बजे आगरा से उड़ान भरी और लगभग 8:15 बजे सभी कार्यों को पूरा करने के बाद आगरा वापस आ गया।" बुधवार सुबह आयोजित इन उड़ानों के माध्यम से, भारतीय वायु सेना ने ऑक्सीजन आपूर्ति के नेटवर्क को और मजबूत किया।


घरेलू स्तर पर, भारतीय वायुसेना के विमानों ने 939 घंटों की 634 उड़ानें भरी हैं। ऐसे अभियानों की मदद से, 6856.2 मीट्रिक टन की क्षमता वाले 403 खाली ऑक्सीजन कंटेनरों और अन्य उपकरणों को एक से दूसरी जगह ले जाया गया था। हाल के दिनों में उड़ानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, 4 मई से 12 मई तक इसमें तीन गुना वृद्धि हुई है।

-आईएएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार