उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूल के छात्रों के टीकाकरण से सम्बंधित एक अहम् फैसला लिया है। स्कूल के छात्र जो पढ़ाई करने के लिए विदेश जाने के प्रयास कर रहे हैं, उन्हें स्कूल के परिसर में ही कोरोना का टीका लग जाएगा। यूपी सरकार की इस पहल से अब स्कूल के छात्रों को टीका लगवाने में कोई परेशानी नहीं होगी। सरकार के इस फैसले को सभी स्कूलों ने स्वीकार किया है और यह महामारी के बावजूद छात्रों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में सहायता करेगा।

स्कूल परिसर में ही किया जाएगा विद्यार्थियों का टीकाकरण


शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों को यह सूचित किया है कि छात्र पूरे भारत में किए जा रहे टीकाकरण अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसीलिए उन्हें जल्द से जल्द टीका लगाने का इंतज़ाम किया जाएगा, विशेष रूप से उन छात्रों को जो उच्च शिक्षा के लिए विदेशों में जाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी तरह की एक पहल हाल ही में मुंबई में लागू की गई थी जहां विदेशों से मिली स्वीकृति वाले छात्रों को राजवाड़ी, कूपर और कस्तूरबा केंद्रों में वॉक-इन टीकाकरण की अनुमति दी गई थी।

लखनऊ के मॉडर्न स्कूल में छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए टीकाकरण

राज्य भर के स्कूल अधिकारियों और प्रशासन ने उत्साह के साथ इस कदम का स्वागत किया है और अपने छात्रों के कल्याण के लिए इसमें योगदान देना चाहते हैं। मॉडर्न स्कूल के डायरेक्टर ने इस पहल की सराहना की और कहा कि स्कूल वर्तमान छात्रों और पूर्व छात्रों दोनों के लिए टीके की व्यवस्था करेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, सिटी मोंटेसरी स्कूल के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा, "हम अपने छात्रों के लिए कोरोना का टीका लगवाने की व्यवस्था करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं, विशेषकर जो विदेशों में विश्वविद्यालयों में उच्च अध्ययन के लिए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को अपने टीकाकरण की व्यवस्था करने के बजाय हम उनके स्कूल के तौर पर इसे सुविधाजनक बना सकते है।"