लखनऊ में कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में शहर के कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने अपनी दरियादिली दिखाते हुए आम जनता की मदद के लिए आगे आये, और अपने अपने तरीके से लोगों की सहायता की।


ऐसा ही एक सामाजिक संगठन 'ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम' लखनऊ में आम जनता की हर संभव मदद कर रहा है। फिर चाहे किसी को दवा, खाना, ऑक्सीजन, एंबुलेंस या फिर अन्य कोई सहायता की जरूरत हो, यह संगठन लोगों की हर तरह से मदद करने के लिए लोगों के कंधे से कंधा मिलाकर लोगों की परेशानी में साथ दे रहा है और हर संभव मदद भी कर रहा है।

ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मौलाना मोहम्मद राबे हसनी नदवी और मौलाना बिलाल हसनी की अगुवाई में आलमबाग, चौक और यहियागंज में 3 दवा वितरण केंद्र बनाए है, जहां जरूरतमंदो को रिपोर्ट दिखाकर निःशुल्क दवा दी जा रही है। इन केंद्रों पर कोई भी जरूरतमंद अपनी या अपने किसी भी परिजन की रिपोर्ट दिखाकर मुफ्त दवा ले सकता है। जो मरीज दवा केंद्रों पर आने में असमर्थ है उनके घर में दवा पहुंचा दी जाती है। इसके साथ ही यह संगठन समाज के हर जरूरतमंद, गरीब, असहाय लोगों के खाने पीना का इंतजाम भी कर रहा है जिससे कोई भी इस लॉकडाउन के दौरान भूखा न रहे।


महामारी के इस कठीन समय में संगठन द्वारा शहर में लोगों को निःशुल्क एंबुलेंस सेवा, निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, नि:शुल्क दवाइयां और भोजन मुहैया करवाया जा रहा है।


ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम के मीडिया प्रभारी शिराजुद्दीन ने Knocksense से बात करते हुए बताया की, इन सभी सेवाओं और पहल के माध्यम से एक प्रयास है की महामारी के इस दौर में हम ज्यादा से ज्यादा लोगो की सेवा कर पाएं, उन्हें हर मुमकिन सहायता दे सकें ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

शिरज़ुद्दीन ने बताया मानवता की सेवा ही हमारा उद्देश्य है इससे बिना जाती धर्म के भेदभाव के लोगों को फ़ायदा पहुचाना और इस आपदा में शहरवासियों को कालाबाज़ारी से बचाना भी ज़रूरी है, हमारा अगला कदम कोरोना महामारी से मरने वालों के बच्चों की देखभाल है। इस बारे में हम लखनऊ शहर में ऐसे बच्चों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं, जिससे उन बच्चों की शिक्षा सुरक्षा व स्वास्थ में कोई रुकावट न आने पाए। इस सिलसिले में लखनऊ के कई सामाजिक लोग अपना सहयोग देने के लिए आगे भी आ रहे हैं।