लॉकडाउन और कोरोना वायरस महामारी के कारण आम जीवन अस्त व्यस्त तो हुआ ही इसके साथ ही लोगों के रोजगार और व्यापार पर भी इसकी भयंकर मार पड़ी है। शहर की सभी दुकानें और मार्केट बंद होने के कारण कारोबारियों को लाखों करोड़ो का नुक्सान झेलना पड़ रहा है। इसी नुकसान की एक सबसे बड़ी मार लखनऊ के मोबाइल कारोबार पर पड़ी है। करीब 55 दिन से लॉकडाउन और महामारी के कारण शहर के मोबाइल कारोबार को करीब 200 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। लखनऊ के करीब 2000 मोबाइल कारोबारी नुकसान से बेहद बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लखनऊ के श्री राम टावर के साथ शहर में 700 रजिस्टर्ड मोबाइल दुकानदार है। इसके साथ ही 1000 से अधिक अन्य छोटे बड़े मोबाइल दुकानदार है जिनकी दुकाने कोरोना कर्फ्यू के दौरान बंद पड़ी रही और लाखों का नुकसान तो हुआ ही साथ ही रोजी रोटी का भी संकट उभरकर सामने आ चूका है। अब ऐसे में मोबाइल कारोबारियों को बस इंतजार है की सब कुछ पहले की तरह पटरी पर आ जाए।

मोबाइल पर अब कम खर्च कर रहे ग्राहक


हालांकि अब अनलॉक के बाद से बाजार खुल गए हैं और शहर में मोबाइल कारोबार एक बार फिर से गति पकड़ता दिख रहा है। हजरतगंज के फेमस श्री राम टावर मोबाइल सेंटर पर लोगों की अब हलकी फुलकी भीड़ देखि जा सकती है। अधिकांश ग्राहक दुकनों पर मोबाइल एक्सेसरीज, रिपेयर करवाने के लिए ज्यादा आ रहे हैं। वहीं नया मोबाइल खरीदने पर ग्राहक सिमित रूप में खर्च कर रहे हैं। पहले जहां ग्राहक अपने मनपसंद मोबाइल ब्रांड और उसकी कीमत पर खर्च करने से पीछे नहीं हटते थे, वहीं अधिकांश ग्राहक अब एक सीमा में रहकर ही मोबाइल खरीदने में खर्च कर रहें है। मोबाइल कारोबारियों का कहना है की ग्राहक अब 10 से 15,000 की कीमत में सबसे बेस्ट मोबाइल खरीद रहा है, जो उसकी जरूरत के हिसाब से ठीक बैठ रहा है। कई दुकानों पर ग्राहकों को लुभाने के लिए और अपनी सेल बढ़ाने के लिए मोबाइल कारोबारियों ने कई डिस्काउंट और स्कीम लांच किये हैं ताकि ग्राहकों को आकर्षित कर कुछ व्यापार में तेजी आये और पुराना माल जल्द से जल्द बेचा जा सके। मोबाइल कारोबारियों को उम्मीद है की आने वाले समय में हालात पहले से बेहतर होंगे और काम पहले जैसा चलेगा।

कारोबारियों ने टैक्स समेत अन्य बिल पर सरकार से मांगी छूट


मोबाइल कारोबारियों का यह भी कहना है की उनके व्यापार को ई-कॉमर्स वेबसाइट से तगड़ा झटका लग रहा है। ई-कॉमर्स वेबसाइट आये दिन नए नए ऑफर्स निकलती रहती है जिससे ग्राहक ऑनलाइन लेना ज्यादा पसंद कर रहा है। लॉकडाउन के कारण अधिकांश ग्राहकों ने मोबाइल ई-कॉमर्स वेबसाइट से आर्डर कर मंगवा लिए हैं क्यूंकि ऑनलाइन क्लास और लोगों के वर्क फ्रॉम होम के कारण मोबाइल की मांग में तेजी आई थी और अभी भी है, लेकिन अब ग्राहक बहुत ही सोच समझकर मोबाइल खरीदने में खर्च कर रहा है, हमारा सबसे बड़ा कम्पटीशन ई-कॉमर्स वेबसाइट से है।

अनलॉक के बाद रिटेल कारोबार ने रफ्तार तो पकड़ी है, लेकिन पिछले 2 महीने से दुकानें बंद होने के कारण किसी तरह का व्यापार हुआ नहीं, पैसा है नहीं, कर्मचारियों को सैलरी देने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उसके बावजूद बकाया बिजली बिल समेत अन्य टैक्स के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कारोबारियों और दुकानदारों की सरकार से मांग है कि सरकार की तरफ से उन्हें कुछ छूट मिलनी चाहिए ताकि वो अपना व्यापार आसानी से चला सकें।