मुख्य बिंदु:

- देश के रक्षा मंत्रालय द्वारा जल्द ही लखनऊ विश्वविद्यालय को दो करोड़ रुपए का फंड दिया जाएगा।

- विश्वविद्यालय में प्रोफेसर चेयर स्थापित करने के लिए यह फंड दिया जाएगा।

- इस प्रोफेसर चेयर में नेशनल सिक्युरिटी के चैलेंज पर शोध किए जाएंगे।

संस्थान में अनुसंधान के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के प्रयास में, रक्षा मंत्रालय द्वारा जल्द ही लखनऊ विश्वविद्यालय को लगभग 2 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। कथित तौर पर, इस राशि से शोध के क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा देने के लिए प्रोफेसर चेयर की स्थापना की जाएगी। इसके तहत चयनित व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों की जांच कर उन पर काम करेगा।

101 साल के लंबे इतिहास में संस्थान को पहली बार मिलेगी पहली प्रोफेसर चेयर


लखनऊ विश्वविद्यालय में भाऊराव देवरस अनुसंधान पीठ और अटल बिहारी वाजपेयी अनुसंधान पीठ सहित कई शोध सुविधाएं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनके तहत नियमित रूप से संगोष्ठी और अन्य समारोह आयोजित किए जाते हैं। अब विश्वविद्यालय को 101 साल के लंबे इतिहास में पहली प्रोफेसर चेयर मिलने जा रही है। रक्षा मंत्रालय से वित्तीय सहायता के साथ, इसे स्थापित किया जाएगा, संस्थान के लिए यह नया अतिरिक्त राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों से संबंधित शोध को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

कथित तौर पर, संस्थान में डिफेंस स्टडी विभाग में नई शोध चेयर स्थापित की जाएगी। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति, आलोक कुमार राय के मुताबिक देश में नेशनल सिक्युरिटी के लिए सायबर अटैक सहित कई चैलेंज बढ़ रहे हैं। इस चेयर के माध्यम से शोध करके इसकी चुनौतियों और उससे निपटने के सुझाव आदि पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह वार्षिक रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाएगी।

एलयू आंगनबाड़ियों के आकलन के लिए भी शोध परियोजना शुरू करेगा


रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ विश्वविद्यालय शहर की 1,500 आंगनवाड़ियों में संचालन के अध्ययन के लिए एक व्यापक शोध परियोजना का आयोजन करेगा। आंगनबाड़ियों में सुविधाओं की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से नव स्थापित महिला विकास केंद्र इस सर्वेक्षण को लागू करेगा। यह देखा जाएगा कि केंद्रों पर दी जाने वाली सुविधाओं की क्या स्थिति है। साथ ही इस बात की भी निगरानी होगी कि जिस उद्देश्य के साथ योजना शुरू की गई, उसका लाभ मिल रहा है या नहीं।