कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रभाव अब काफी कम हो गया है लेकिन लखनऊ शहर में अब तीसरी लहर की संभावनाओं को लेकर भयावह माहौल बना हुआ है। इससे सतर्क होकर, शहर के कई संगठनों ने संभावित तीसरी लहर के घातक प्रभावों से निपटने के लिए अपने प्रयासों को जुटाना शुरू कर दिया है और आलमबाग गुरुद्वारा उनमें से एक है। गुरुद्वारा अधिकारियों ने किसी भी अप्रत्याशित आवश्यकता को पूरा करने के लिए पहले से ही 50 इमरजेंसी बेडों की सुविधा शुरू की है।

जरूरत के सभी क्षेत्रों में व्यापक उपाय


जैसे ही लखनऊ में दूसरी लहर के प्रभाव बढ़े, गुरुद्वारा ने शहरवासियों को बचाने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। आक्सीजन सिलिंडर एवं कॉन्सेंट्रेटर, राशन किट, दवाएं, मास्क, स्टीमर जैसी आवश्यक ज़रूरतों की निःशुल्क व्यवस्था से लेकर एम्बुलेंस एवं शववाहन सेवा के संचालन तक हर प्रकार की आवशयकता को पूरा किया गया। अपने व्यापक प्रयासों के माध्यम से, उन्होंने लखनऊ के निवासियों की मदद करने के अलावा, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव और अन्य जिलों के नागरिकों की सहायता की है।

गुरुद्वारा के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने कहा, "हम शनिवार को लखीमपुर में 'ऑक्सीजन लंगर सेवा' भी शुरू करेंगे। आने वाले सप्ताह के अंत तक हम अयोध्या में भी सेवाएं शुरू कर देंगे। शुक्र है कि हमें लोगों से चंदा मिल रहा है। और बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने के हमारे प्रयास में स्वयंसेवक हमारे साथ जुड़ रहे हैं।"

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ परोपकारी व्यक्ति पहले भी अपने संक्रमित रिश्तेदारों के लिए खरीदे गए ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर को दान करने के लिए आगे आए हैं। अधिकारी अब तक 30-40 ऑक्सीजन सिलेंडर व अन्य संसाधन बांटने में सफल रहे हैं।

Knock Knock

लखनऊ में पिछले दो महीनों के दौरान हुई लगातार तबाही के बीच, निवासियों और कल्याणकारी संगठनों के संयुक्त प्रयासों ने शहर को आगे बढ़ने में मदद की। यदि हम सेवा की इस सामूहिक भावना से प्रेरित होते रहें, तो हम निश्चित रूप से हर कठिन लड़ाईयों से लड़ सकते हैं!