कोविड संसाधनों की तीव्र कमी के बीच चल रही काला बाज़ारी को रोकने की पहल में यूपी के एडीजी लॉ एंड आर्डर (ADG Law and Order) ने लखनऊ और यूपी के अन्य जिलों में महामारी से लड़ने के लिए निर्देश जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार यूपी पुलिस सारे रेमेडीसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलिंडरों को कालाबाजारियों से रिकवर करके उन्हें जनता के हित में लाने की पुरज़ोर कोशिश में पुलिस विभाग लगा हुआ है।

जरूरतमंदों को मिलेंगी कालाबा‍जारियों से बरामद दवाएं और ऑक्सीजन सिलिंडर

मंगलवार की रात को एडीजी कानून व्यवस्था की ओर से कहा गया है कि हाइकोर्ट इलाहाबाद द्वारा 27 अप्रैल को पारित आदेश के क्रम में जब्त की गई कोविड 19 की दवा रेमेडेसिविर व अन्य दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडर थाने के मालखाने में रखने के स्थान पर कानूनी तरीके से अस्पतालों और आम जनता को इस्तेमाल के लिए रिलीज किया जाएगा। एडीजी ने बताया कि यह दवाएं विधिक तरीके से संबंधित जिले के सीएमओ के सुपुर्द करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के दायरे में, लखनऊ के पुलिस कमीशनर ने क्राइम ब्रांच के जेसीपी को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। जेसीपी नें विशेष समिति बनाने की कवायद शुरू कर दी है। जेसीपी के मुताबिक हाइकोर्ट के आदेश के दायरे में रहते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर, इंजेक्शन व दवा जरूरतमंदों और अस्पतालों को दी जाएगी।

कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलेंडर और रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ने के साथ इनकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। प्रदेश में कई जगहों पर इनकी कालाबाजारी की शि‍कायतें आ रही थीं, इसके बाद एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने सभी जिलों को कालाबाजारियों की धड़पकड़ करने का अभि‍यान शुरू करने का आदेश दिया था। लगातार कार्रवाई होने के कारण पिछले दो हफ्ते के भीतर जीवन रक्षक दवाओं और ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने के आरोप में अब तक करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इसमें सबसे अधिक 36 गिरफ्तारी लखनऊ से हुई हैं।