कोरोना वायरस के बेहतर इलाज के लिए शहर के मेडिकल ढाँचे को मज़बूत करने और विस्तृत करने की पहल के चलते लखनऊ नगर निगम ने महानगर कल्याण मंडप में 40 बिस्तरों का कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है। ये नयी सुविधा एक एल 1 और एल 2 हेल्थ केयर केंद्र और ऑक्सीजन बिस्तर के इमरजेंसी यूनिट्स के साथ सुसज्जित होगी। कथित तौर पर नगर निगम के अधिकारियों और उनके परिवारों को यहां प्रवेश में प्राथमिकता दी जायेगी और जरूरतमंदों को जीरो कॉस्ट ट्रीटमेंट का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

नगरपालिका कर्मियों के लिए समर्पित कोविड सुविधा


लखनऊ नगर निगम द्वारा महानगर कल्याण मंडप में मुख्य रूप से अपने 13,000 कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए बिस्तरों की सुविधा प्रदान करने का काम तेज़ी से चल रहा है। यह प्रावधान नगर निगम के उन सहयोगी कर्मचारियों को चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है जो महामारी के समय से फ्रंटलाइन पर काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार सही इलाज और अस्पताल में न मिलने के कारण नगर निगम के 30 कर्मचारियों की मृत्यु हो गयी थी। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने इस अस्पताल के बनने की मांग की थी जो अब पूरी हो गयी है।

इस अस्पताल में लेवल 2 के मरीज़ ग्राउंड फ्लोर के हॉल में रहेंगे, और प्राइवेट वार्ड और लेवल 1 बेड जैसी अन्य सुविधाएं पहली मंज़िल पर रहेंगी। इसके लिए तीन सदस्यों की समिति द्वारा सभी तैयारियां जैसे बिस्तरों और अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद की देखभाल की जाएगी। साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी सुनील कुमार रावत को मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था करने का जिम्मा सौंपा गया है।

लखनऊ में अस्थायी अस्पतालों की आवश्यकता

राज्य की राजधानी लखनऊ कोरोना संक्रमण से गंभीर रूप से जूझ रही है क्यूंकि आस पास के शहरों और गांव के लोग भी इलाज के लिए लखनऊ ही आते हैं। इसीलिए सभी को मेडिकल सहायता प्रदान के लिए शहर भर में अस्थायी अस्पतालों का बनना बेहद आवश्यक है। इसी कारण महानगर कल्याण मंडप में लखनऊ नगर निगम की सुविधा जरूरतमंदों के लिए बिस्तरों को बढ़ाने और मौजूदा चिकित्सा बुनियादी ढांचे के दबाव को हल्का करने में मदद करेगी।