1 जून से सामूहिक टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाते हुए, जिला प्रशासन ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम और अटल बिहारी बाजपेयी अंतर्राष्ट्रीय एकाना स्टेडियम में मेगा टीकाकरण सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह सेंटर एक बार में 1,000 लाभार्थियों का टीकाकरण करने में सक्षम होंगे, जिससे कोरोनोवायरस के बढ़ते खतरे के खिलाफ प्रतिरक्षा अभियान में तेजी आएगी। छोटा इमामबाड़ा को भी टीकाकरण स्थल में तब्दील किया जाएगा।

लखनऊ में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे हैं कदम


जिला प्रशासन ने टीकाकरण केंद्रों तक सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बसों की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया है। ये बसें शहर में महिलाओं, बुजुर्गों और विकलांग लोगों को मुफ्त में टीकाकरण सेंटर तक ले जाने का काम करेंगी।

जिला प्रशासन की बैठक में लखनऊ के डीएम ने कहा कि 1 जून से प्रत्येक तहसील में बड़े खुले स्थलों को मेगा टीकाकरण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। डीएम ने आगे निर्देश दिया कि प्रत्येक टीकाकरण केंद्र में शौचालय, पेयजल, बैठने की जगह और सेनेटाइजेशन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

स्वास्थ्य के बुनियादी ढ़ांचे को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं

इसके अलावा, प्रशासन ने लखनऊ में कोविड-19 प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई निर्देश भी जारी किए हैं। निगरानी समितियों को 100% ट्रेसिंग और परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन टीमों को सिंप्टोमेटिक कोविड रोगियों के बीच दवाओं के वितरण के बारे में दैनिक रिपोर्ट प्रदान करने का काम भी सौंपा गया है।

सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सब-सेंटर्स को भी संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रत्येक सब-सेंटर को एक ऑक्सीजन सपोर्ट बेड की व्यवस्था करनी होती है, जबकि प्रत्येक पीएचसी को 4 ऑक्सीजन और 6 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था करनी होती है। इसी प्रकार, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स को 30 ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करनी है।

सभी केंद्रों पर पोस्टरों की मदद से कोविड कमांड सेंटर की संपर्क जानकारी (Contact information) प्रसारित की जाएगी। प्रशासन सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बड़े पैमाने पर 'आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड अभियान' शुरू करने के लिए भी प्रयास कर रहा है। आदेशानुसार सभी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सब-सेंटर्स में स्टेटिक टेक्सटिंग बूथ (static texting booths) स्थापित किये जाये।

प्रशासन ने यात्रियों से संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और बस स्टॉप पर परीक्षण बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। राज्य ने डिप्टी कलेक्टरों को अपने अधिकार क्षेत्र में पब्लिक सर्विस सेंटर्स की सूची तैयार करने का भी काम सौंपा है, जिनका उपयोग टीकाकरण केंद्रों के रूप में किया जा सकता है। उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों को टीकाकरण के लिए पंजीकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित करने की भी जिम्मेदोरी दी गई है। साथ ही डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग मानसून के मौसम से पहले इनकी वृद्धि को रोकने के लिए फॉगिंग और सफाई सुनिश्चित करेगा।