दूसरी लहर के प्रकोप के बीच लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से रोकने के लिए, उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य भर में सार्वजनिक आवाजाही के लिए एक ई-पास प्रणाली शुरू की है। इस आदेश के अनुसार, आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों को छोड़कर, बाकी सभी लोगों को अपनी यात्रा को मान्य करने के लिए अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक पास की आवश्यकता होगी। हालांकि, ई-पास आदेश के बाद, राज्य सरकार ने किसी भी प्रकार की अस्पष्टता को दूर करने के लिए उन सभी आवश्यक सेवाओं की सूची जारी की है जिनसे जुड़े लोगों को सार्वजनिक आवाजाही के लिए ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी।

निम्नलिखित के लिए ई-पास के बिना यात्रा की अनुमति होगी


गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया, जिसमें उन लोगों/ सेंवाओं की श्रेणियों को अलग किया गया, जिन्हें ई-पास के विशेष प्रावधान के बिना यात्रा करने की अनुमति है। सूची में निम्नलिखित सेवाएं/लोग शामिल हैं:

1. औद्योगिक गतिविधियां

2. मेडिकल/ आवश्यक सेवाओं तथा वस्तुओं की आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं का परिवहन।

3. मेडिकल और स्वास्थ्य तथा औद्यौगिक ईकाईयों में उपस्थिति तथा उद्योंगो संबंधी कार्यों।

4. ई-कामर्स ऑपरेशन्स में शामिल लोग

5. आपात चिकित्सा स्थिति (Medical Eemergency) वाले व्यक्ति।

6. दूरसंचार सेवाएं, डाक सेवा, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा इंटरनेट सेवा से जुड़े व्यक्ति।

अन्य सभी श्रेणियों को यात्रा से पहले नामित अधिकारियों से ई-पास प्राप्त करना होगा। इन्हें ई-पास प्रबंधन प्रणाली (e-pass management system) के पोर्टल से लिया जा सकता है। कथित तौर पर, पास की वैधता जिले के अंदर यात्रा के लिए एक दिन तक चलेगी और दस्तावेजों के वेरीफिकेशन के बाद एसडीएम द्वारा जारी की जाएगी। जिले के बाहर यात्रा के लिए पास की वैधता को दो दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा और इसकी अनुमति अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दी जाएगा। राज्य के बाहर यात्रा की अनुमति जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दी जाएगी।