कोरोना महामारी के कारण कई लोगों ने अपनों को खोया है, और बहुत सारे कोरोना के मरीज या तो होम आइसोलेशन में हैं या फिर अस्पताल में भर्ती है। कई परिवार ऐसे भी है जो इस महामारी की भेंट चढ़ गए हैं। हमारे और आपके आस पास कई परिवार ऐसे भी है जहां माता - पिता कोरोना से संक्रमित हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती है, ऐसे में बच्चे पूरी तरह घर में अकेले है जिन्हे देखभाल और सहारे की जरूरत है। बहुत से ऐसे भी है जहां माता -पिता दोनों की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई है और उनके बच्चों को देखने वाला कोई नहीं है।


इन्हीं परेशानियों को देखते हुएलखनऊ की चाइल्ड लाइन टीम ने नंबर जारी किये है और कोई भी व्यक्ति इन नंबरों पर फोन कर ऐसे बच्चों की जानकारी चाइल्ड लाइन की टीम को दे सकता है।चाइल्ड लाइन की टीम इन बच्चों की सभी जरूरतों को पूरा करेगी और इनकी हर संभव देखभाल और सहायता चाइल्ड लाइन द्वारा की जाएगी। किशोर न्याय (बालकों की देखरेमहामारी के इस दौर में अगर आपके घर या पड़ोस में बच्चे है अकेले तो यहां करें कॉल, बच्चों को तुरंत मिलेगी सहायताख एवं संरक्षण) अधिनियम -2015 के अनुसार हर व्यक्ति जो 18 वर्ष का पूरा नहीं हुआ है, वो बच्चों की श्रेणी में आता है।

चाइल्ड लाइन के प्रभारी कृष्ण शर्मा नें KNOCKSENSE से बात करते हुए बताया की, ''चाइल्ड लाइन शुरू से ही बच्चों की सहायता और देखभाल करता आया है फिर चाहे वो किसी शोषण का शिकार हो, किसी परेशानी में हो, या फिर उनके साथ किसी तरह का गलत व्यवहार किया गया हो, ऐसी किसी भी परिस्थिति में हम उस बच्चे की सहायता करते है। हाल ही में हमने देखा की इस महामारी के दौरान कई बच्चे ऐसे है जिनके माता -पिता कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती है, और कई ऐसे भी है जिनके माता - पिता दोनों का देहांत हो गया है और उनकी देखभाल और सहायता करने वाला कोई नहीं है, ऐसी परिस्थिति में हम इन बच्चों की हर संभव सहायता करेंगे ताकि इन बच्चो को कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े''

बच्चों की सहायता के लिए इन नंबरों पर करें कॉल

👉 9838501098

👉 9918401098

👉 9721451098

👉 7518901098

👉 7518701098

👉 7518401098

👉 7518101098

👉 7518601098

👉 7408405126