दिसंबर के महीने की शुरुआत के साथ लखनऊ में सर्दी तेज़ी से बढ़ने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार, दो दिन के बाद प्रदेश में मौसम के बदलने के आसार हैं जिसका स्वाभाविक रूप से प्रभाव लखनऊ के मौसम पर भी दिखाई देगा। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि शहर में दो दिनों से बादल छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावनाएं हैं।

2 और 3 दिसंबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। निदेशक ने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है और ठंड बढ़ेगी।

इस सप्ताह, पश्चिमी मौसमी बदलाव इन क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे और उत्तरी राज्यों में सर्दियों की पहली बारिश लेकर आएंगे। पश्चिमी विक्षोभ (western disturbances) एक मौसमी घटना है जिसका सर्दियों में आगमन हिमालय और उत्तर पश्चिमी भारत ((Northwest India)) के कुछ हिस्सों में बर्फ और बारिश से सम्बंधित होता है। बारिश के साथ ही इस हिस्से में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस क्या है ?

वे आम तौर पर मेडिटेरेनियन समुद्र के ऊपर लो प्रेशर सिस्टम के रूप में उत्पन्न होते हैं और हाई एल्टीट्यूड वाली पश्चिमी हवाएं उन्हें भारत की ओर धकेलती हैं। रास्ते में, पश्चिमी विक्षोभ मेडिटेरेनियन, कैस्पियन और कभी-कभी अरब सागर सहित विभिन्न स्रोतों से नमी इकट्ठा करता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान पर प्रकाश डाला गया है कि एक ताजा डब्ल्यूडी मंगलवार 30 नवंबर की रात से उत्तर-पश्चिम और आसपास के मध्य भारत को प्रभावित करेगा।

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