लखनऊ में 1 जून से सामूहिक टीकाकरण प्रोग्राम के पहले जिला अधिकारी ने रविवार को शहर के मेगा टीकाकरण सेंटरों में तैयारियों को तेज़ करने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन इन मेगा सेंटरों के माध्यम से यहां छोटा इमामबाड़ा, इकाना स्टेडियम और केडी सिंह बाबू स्टेडियम में लगभग 11,000 नागरिकों को टीका लगाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके अलावा, इन सेंटरों में पीने का पानी, शौचालय, पार्किंग, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पिक एंड ड्रॉप बस सेवा और यहां तक कि सेल्फी पॉइंट सहित अन्य सभी सुविधाओं को शुरू करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

टीकाकरण केंद्रों पर होगा मेडिकल बैकअप


रविवार को अधिकारियों की बैठक में डीएम ने लखनऊ में प्रत्येक मेगा टीकाकरण सुविधा पर अस्थाई चिकित्सा केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। आदेश के अनुसार, केडी सिंह बाबू स्टेडियम और छोटा इमामबाड़ा के मेडिकल सेल में 4 ऑक्सीजन युक्त बेड होने चाहिए। इसी तरह इकाना क्रिकेट मैदान में भी ऐसे 8 ऑक्सीजन बेड स्थापित किये जाएंगे।

इसके अलावा, प्रत्येक सेंटर के पास के अस्पताल को किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी में सहायता प्रदान करने के आदेश दिए गए हैं। जैसे श्यामा प्रसाद मुख़र्जी अस्पताल को केडी सिंह बाबू स्टेडियम के लिए, केजीएमयू को छोटा इमामबाड़ा के लिए और मेदांता अस्पताल को इकाना स्टेडियम के लिए मेडिकल सहायता प्रदान करने का काम सौंपा गया है। क्षेत्रीय एम्बुलेंस अधिकारी को आपातकालीन मामलों में लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने के लिए इकाना में दो और अन्य दो केंद्रों पर एक-एक एम्बुलेंस तैयार करने का भी काम सौंपा गया है।

मेगा टीकाकरण स्थलों पर अन्य सुविधाएं


डीएम ने सभी मेगा टीकाकरण केंद्रों पर बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल, सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करने के भी आदेश दिए हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार, मेगा टीकाकरण केंद्रों पर अभियान के कार्यों से पहले और बाद में मैकेनिकल सैनिटेशन करवाने के लिए नगर निगम को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही इन अस्थायी सेंटरों में लगातार सैनिटाइजेशन करने के लिए पोर्टेबल मशीनें भी लगाई जाएंगी।

इन केंद्रों के लिए मुफ्त पिक एंड ड्रॉप बस सुविधा के लिए विशेष प्रावधान और कार्यक्रम भी तैयार किए गए हैं। ये सेवाएं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष रूप से विकलांगों को मेगा केंद्रों तक पहुंचाने का काम करेंगी। ये बसें नागरिकों को निर्धारित पिक-अप पॉइंट से निःशुल्क लेने और छोड़ने का काम करेंगी। शहरी क्षेत्रों में लगभग 20 ऐसे पॉइंट या बस स्टॉप बनाये जाएंगे और प्रत्येक तहसील को 6 बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।