कहते है गरीब को दान करना और भूखे को खाना खिलाना सबसे पुण्य का काम होता है। ऐसा ही पुण्य का काम लखनऊ में 'फूडमैन' विशाल सिंह निस्वार्थ भाव से लखनऊ के अस्पतालों में कर रहे है। विशाल सिंह की संस्था विजयश्री फाउंडेशन की प्रसादम सेवा लखनऊ में जरूरतमंदो, गरीबों और लखनऊ के सभी अस्पतालों जैसे किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और बलरामपुर जिला अस्पताल में लोगों और तीमारदारों को निःशुल्क भोजन करवाते है। कोविड-19 महामारी में भी फूड मैन विशाल सिंह ने प्रवासी मजदूरों, निशक्त और जरूरतमंद लोगों को लॉकडाउन में भी पैकेट का भोजन, कच्चा राशन, दूध, मट्ठा और आवश्यक वस्तुएं पहुंचा कर उनकी इस मुश्किल घड़ी में मरहम लगाने का सार्थक प्रयास कर रहे हैं।


और अब इसी क्रम में उन्होंने राजधानी के अवध शिल्पग्राम में डीआरडीओ कोरोना हॉस्पिटल में भी लोगों को निःशुल्क भोजन दे रहे हैं। सुबह की चाय नाश्ता, दिन का खाना, शाम का नाश्ता और रात का भोजन इस संस्था द्वारा हॉस्पिटल के कर्मचारियों और तीमारदारों को दिया जा रहा है। इस सेवा के तहत साफ-सुथरी व्यवस्था में लोगों को बैठा कर पौष्टिक और सात्विक भोजन परोसा जाता है।


खाने में प्रतिदिन दाल, चावल, रोटी, सŽजी, पापड़, चटनी, सलाद, आचार और मीठा दिया जाता है। इस संस्था को लखनऊ के हज हाउस में शुरू हुआ एचएएल द्वारा बनाया गया कोविड हॉस्पिटल में भी कर्मचारियों और तीमारदारों को भोजन करवाने की जिम्मेदारी दी गई है।

निस्वार्थ भाव से कर रहे लोगों की मदद और सेवा


फूड मैन विशाल सिंह का मानना है कि नर सेवा नारायण सेवा है। आपदा की इस घड़ी में पीड़ितों की सेवा करने से बड़ा पुण्य कुछ नहीं है। हर नर में नारायण बसते है। इसलिए नर की सेवा ही नारायण सेवा है। इसी सेवाभाव के साथ उनकी पूरी टीम और वह स्वयं रात दिन इस महामारी में जरूरतमंद लोगों की हर एक सेवा पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं। कोविड-19 काल में विजयश्री फाउंडेशन के प्रबंध संस्थापक फूडमैन विशाल सिंह के करीब आठ लाख जरूरतमंद लोगों की सेवा करने के उपलक्ष्य में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उनको सम्मानित कर चुकी हैं।

विशाल सिंह ने बताया, " मेरे पिता बहुत बीमार थे। बीमार पिता को इलाज कराने गुरुग्राम लेकर लेकर गया। पिता जी के इलाज में बहुत पैसे खर्च हो गए। नौबत यहां तक आ गई की बिना कुछ खाए कई दिन भूखे गुजारने पड़े। अपने साथ-साथ कई ऐसे लोगों को देखा जिनके पास अस्पताल की भारी भरकम फीस और दवाई का बिल चुकाने के बाद खाने का भी पैसा नहीं बचता था। मैंने उसी समय सोच लिया था कि इन अस्पतालों के बाहर भूख से जूझ रहे लोगों के लिए कुछ जरूर करुंगा।"

संस्था द्वारा जरुरतमंदों तक भोजन और अन्य चीजें पहुंचाती रहे इसके लिए समाज के लोगों से सेवा मिशन में जुडऩे का आग्रह भी किया जाता है। साथ ही जरुरतमंदों और आपात स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन भी जारी की है। इस 9935888887 नंबर पर कोई भी व्यक्ति संपर्क कर सेवादार के रूप में अथवा मदद प्राप्त कर सकता है।