कोरोना महामारी से प्रभावित वरिष्ठ नागरिकों को राहत एवं सुविधा प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने "एल्डरलाइन" सुविधा की शुरुआत की है। शुरू होने के बाद इस सेवा के ज़रिये यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य भर में रहने वाले सभी बुजुर्ग व्यक्तियों को आवश्यक सहायता और सुविधाएं समय रहते मिल सकें। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य मौजूदा कोरोना संकट के बीच वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान करना है जिन्होंने अपनी छात्र छाया के भीतर हमेशा हम सबको सुरक्षित रखा है।

रोज़ाना 80 से 90 कॉल दर्ज की जाती है


हेल्पलाइन द्वारा प्रदान की गयीं कई सुविधाओं के बीच बुज़ुर्ग व्यक्ति (14567) पर कॉल करके किसी भी प्रकार की भावनात्मक, कानूनी या फिर स्वास्थ सम्बन्धी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ऐसा बताया गया है की राज्य के सभी 75 जिलों के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा इस हेल्पलाइन के लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं। यह हेल्पलाइन कॉल सेंटरों के माध्यम से कार्यात्मक है, जो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुले रहते हैं और यह हेल्पलाइन वरिष्ठ नागरिकों को इस कठिन समय में बचाव और राहत प्रदान कर रही है।

वृद्धाश्रमों, फिजियोथेरेपी यूनिट्स, स्वास्थ्य संबंधी, मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित और कानूनी मुद्दों से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है और राज्य के अधिकारी नागरिकों की मदद के लिए जल्द से जल्द उपाय करके सहायता में लगे हुए हैं। नोएडा से लेकर बलिया तक, पूरे क्षेत्र के व्यक्ति इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर रहे हैं और प्रारंभिक रिकॉर्ड से यह पता चलता है की लगभग 80 से 90 कॉल प्रतिदिन दर्ज की जा रही हैं।

देश के 5 राज्यों में कार्यात्मक


इस समय ''एल्डरलाइन'' सुविधा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और कर्नाटक में कार्यात्मक है। हालांकि देश के अन्य राज्यों में भी इस सुविधा को लाने के लिए केंद्रित प्रयास किये जा रहे हैं। टाटा ट्रस्ट्स और एनएसई फाउंडेशन के सहयोगात्मक प्रयासों से संस्थागत, एल्डरलाइन यह सुनिश्चित करने का एक प्रयास है कि किसी भी कमजोर या वंचित बुज़ुर्ग व्यक्ति की आवाज अनसुनी न रह जाए।

- आईएएनएस के इनपुट्स के साथ