उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में कोरोना वायरस के प्रसार की जांच करने के लिए डोर-टू-डोर निगरानी की रणनीति अपनाई है। व्यवस्थित और संपूर्ण तरीके से संक्रमित रोगियों की जांच करने के लिए और स्क्रीनिंग को आगे बढ़ाने के लिए विशेष कोविड ​​टीमों को काम सौंपा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन टीमों ने केवल 7 दिनों में राज्य के 3 करोड़ से अधिक घरों का सफलतापूर्वक दौरा किया है।

ग्रामीण यूपी में कोरोना की ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट


पूरे यूपी में संक्रमण पर नज़र रखने और टेस्टिंग के लिए तैनात की गई कोविड टीमें राज्य के कोरोनो वायरस संक्रमण के विस्तार को नियंत्रित करने और उसे रोकने के भरसक प्रयासों को दर्शाती हैं।

आदेशों के अनुसार ये निगरानी समिति राज्य के कोरोना टीकाकरण अभियान की गति को बढ़ाने में और यहां ट्रकिंग, टेस्टिंग और उपचार की क्षमता को दोगुना करने में मदद करेगी। डोर-टू-डोर कोरोना टीम ने इन ब्लॉकों में लगभग 2,57,845 कविड सैंपल टेस्ट किये हैं। कथित तौर पर, ये ऑन-ग्राउंड ऑपरेशन राज्य में टेस्ट पॉजिटिविटी अनुपात और पॉजिटिव मामलों में गिरावट को बनाए रखने में मदद करेंगे।

उत्तर प्रदेश, देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो दूरदराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों में भी टेस्टिंग करवा रहा है। पिछले साल संक्रमण की शुरुआत से अभी तक यूपी में 4,39,06,533 टेस्ट हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों में 17,745 कोरोना मामले आये हैं और इसी के साथ राज्य के मामले 15,80,980 मामलों तक बढ़ गए हैं। यूपी में सक्रीय मामलों का अनुपात 12.9 प्रतिशत है और लखनऊ में सबसे अधिक 16,117 सक्रीय मामले हैं।