कोविड-19 टीकाकरण स्लॉट की बुकिंग के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने जिलों में 1.3 लाख कॉमन सर्विस सेंटर बनाने का फैसला किया है। यह कदम राज्य के विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के उन लोगों के लिए शुरू किया गया है, जो तेजी से बुकिंग के चलते अपने लिए स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं। शुरुआत में कॉमन सर्विस सेंटर्स पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेंगे, और बाद में यहां टीकाकरण की सुविधा भी प्रदान की जा सकती है।

यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की प्रक्रिया में लाई जाएगी तेज़ी


उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने यह निर्धारित किया है कि 44 वर्ष तक के सभी वयस्कों के लिए स्लॉट की प्री-बुकिंग करना अनिवार्य होगा, ताकि बिना किसी दिक्कत के टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, टीके की कमी और तीसरे चरण के लाभार्थियों (18 से 44 वर्ष आयु वर्ग) की बड़ी संख्या के कारण टीकाकरण स्लॉट बुक करना मुश्किल हो गया है। नतीजतन, राज्य ने ग्रामीण यूपी में सभी के लिए पंजीकरण प्रोटोकॉल को सरल और आसान बनाने के लिए एक कॉमन सर्विस सेंटर्स स्थापित किए हैं।

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, "ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए, हमने तय किया है कि लोगों को CoWIN ऐप पर पंजीकरण करने में मदद करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर्स शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र यह सुविधा प्रदान करेगा और निकट भविष्य में टीकाकरण का भी काम करेगा। इस कार्य को मुफ्त में किया जाना चाहिए और कोई भी इस काम में मदद करने के लिए पैसे नहीं लेगा।"

अपर मुख्य सचिव, सूचना ने आगे बताया कि राज्य टेस्टिंग की तरह, ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर एक व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करेगा। उन्होंने टीकाकरण लक्ष्य की एक उपलब्धि के बारे में बताया कि लगभग 1.16 करोड़ लोगों को टीके का पहला डोज़ लग चुका है, जबकि 31.6 लाख लोगों को दूसरा डोज़ भी मिल चुका है। कुल संख्या में, अब तक वैक्सीन के लगभग 1,49,97,832 डोज़ दिए जा चुके हैं।

राज्य सरकार ने अधिक टीकों को खरीदने की व्यवस्था की


उत्तर प्रदेश प्रशासन ने अपने टीकाकरण लक्ष्य को पूरा करने के लिए, अधिक टीकों की व्यवस्था करने की तैयारी कर ली है। अधिक शीशियों की खरीद के लिए, राज्य ने अपनी ग्लोबल टेंडर शर्तों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, Pfizer और Moderna जैसी कंपनियों को अब टीकाकरण टेंडर के लिए बोली लगाने की अनुमति होगी।

राज्य ने ग्लोबल टेंडर बयाना जमा राशि को पहले के 16 करोड़ रुपये से घटाकर आधा कर दिया है। जीवन रक्षक शॉट के तापमान विनियमन और भंडारण की स्थिति में परिवर्तन भी शामिल किए गए हैं। जैसा कि पहले निर्दिष्ट ​किया गया था, कोविड जैब को इसकी प्रभावकारिता बनाए रखने के लिए एक विशिष्ट नियंत्रित तापमान पर संग्रहीत और परिवहन की आवश्यकता होती है।

भंडारण के लिए तापमान रेंज को 2°C और 8°C से -20°C और -80°C तक मॉडरेट किया गया है। निर्माताओं को अपने टीकों को सरकारी गोदामों तक पहुंचाना होगा और बहुत कम तापमान पर कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।