म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) या ब्लैक फंगस, कोरोना से रिकवर हो गए मरीज़ों में एक पोस्ट कोविड स्वास्थ्य समस्या के रूप में लखनऊ में भी तेज़ी से विकसित हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार शहर में ब्लैक फंगस के 43 मामले दर्ज किये जा चुके हैं और 4 लोगों की घातक बीमारी के चलते मृत्यु हो गयी। केजीएमयू के अलावा ब्लैक फंगस से ग्रसित मरीज़ों का सिप्स, अपोलो, संजीवनी और चन्दन अस्पताल में भी इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार अधिकतर मरीज़ों को केजीएमयू में ही भर्ती करवाया जा रहा है और उन्हें एक अलग वार्ड में उपचार प्रदान किया जा रहा है।

इम्यूनिटी लेवल का कम होना इस बीमारी का मुख्य कारण है


हालांकि डॉक्टरों ने कमज़ोरी मह्सूस करने से लेकर दिल की समस्याओं तक, कोरोना के बाद होने वाली विभिन्न मेडिकल समस्याओं पर ज़ोर डाला है लेकिन ब्लैक फंगस इन सब में से सबसे अधिक गंभीर बीमारी है। इस समस्या के होने के पीछे के कारणों की खोज चल रही है लेकिन यह माना जाता है कम इम्युनिटी वाले लोग और डायबिटीज के मरीज़ों में यह बीमारी होने की अधिक संभावना है।

संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चीफ पल्मोनोलॉजिस्ट, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट,डॉ. एस.एन. गुप्ता ने कहा, आज कल ब्लैक फंगस कोरोना के बाद होने वाली मेडिकल समस्याओं से जूझ रहे मरीज़ों में तेज़ी से हो रहा है और यह बीमारी अधिकतर रूप से उन लोगों को होती है जिन्होंने लम्बे समय तक हाई स्टेरॉयड लिए हैं और लम्बे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे हैं या फिर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे हैं। इसके अलावा, डायबिटीज से पीड़ित लोग, एचआईवी और कैंसर जैसी इम्युनिटी कम करने वाली बीमारियों और जिन लोगों का ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन हुआ है, उन्हें भी कोरोना के बाद ब्लैक फंगस होने का खतरा होता है।"

जल्द से जल्द ब्लैक फंगस की जांच और तेज़ी से इलाज ज़रूरी है


फंगल इन्फेक्शन के शुरूआती लक्षणों के बारे में बताते हुए डॉक्टर ने कहा की सामन्य लक्षणों में नाक से खून बहना और दर्द होना, चेहरे के एक तरफ सूजन, तेज़ सरदर्द, लाल और दर्दनाक आंखें, देखने में मुश्किल होना जैसे लक्षण शामिल हैं। यदि कोई कोरोना से ठीक होने के बाद ऐसे किसी भी लक्षण को देखता है, तो उसे तुरंत ईएनटी सर्जन या नेत्र शल्य चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। यदि जल्द से जल्द कदम उठाए जाते हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है और जल्द ही ठीक होने पूरी संभावना रहती है।"

रिपोर्ट के अनुसार एम्स नई दिल्ली में एक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के विशेषज्ञ ने कहा है कि संक्रमण जानवरों से लोगों में नहीं फैलता है। यह मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी इम्युनिटी कम होती है और इसके लिए कई फैक्टर हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों ने यह भी दावा किया है कि संक्रमण संक्रामक नहीं है।

Knock Knock

चाहे वो ब्लैक फंगस हो या फिर कोई और बीमारी जल्द से जल्द समय रहते जांच होना और तुरंत आवश्यक इलाज का शुरू होना ही जल्द स्वस्थ होने की दिशा में सबसे ज़रूरी कदम है। वर्तमान समय की समस्याओं को देखते हुए यह आवश्यक है की आप अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या को गंभीरता से लेना ज़रूरी है।

यदि आप किसी भी प्रकार की पोस्ट कोविड समस्या या फिर कोविड के अलावा किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहे हैं तो संजीवनी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर सटीक मेडिकल परामर्श लेने का एक बेहतर विकल्प है। आप 0522-4232333 इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए उनकी वेबसाइट पर जा सकते हैं। https://sanjivinihospitals.com/