गुरूवार को लखनऊ में कोरोना के सक्रीय मामलों की संख्या कम होकर 7,363 हो गयी है। यह आंकड़ें निश्चित रूप से शहर के लिए राहत की खबर लेकर आये हैं। 904 लोगों के रिकवर होने से और 371 नए मामलों के कारण सक्रीय मामले लगातार कम होते नज़र आ रहे हैं, और यह अनुमान है की आंकड़ें आगे और कम होंगे। पिछले कुछ दिनों में पूरे यूपी में सबसे अधिक सक्रीय मामलों की लिस्ट में राजधानी दुसरे स्थान पर है, और वहीँ मेरठ इस लिस्ट में पहले स्थान पर है।

पिछले 50 दिनों में लखनऊ में लगभग 1.5 लाख मामले दर्ज किये गए हैं


हालांकि, कोरोना संक्रमण की पहली लहर को लखनऊ के लोगों ने आसानी से पार कर लिया था, लेकिन दूसरी लहर के बाद यहां स्थिति वास्तव में काफी ख़राब हो गयी। रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत के बाद से पिछले 50 दिनों में 1,49,700 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसी भारी बढ़ोतरी के बाद संक्रमित व्यक्तियों की कुल संख्या 2,35,579 है, और नतीजतन संक्रमण की उच्च दर के कारण मृत्यु दर भी काफी अधिक रहा। पिछले दो महीनों में 1,126 लोगों की कोरोना के कारण मृत्यु हो गयी।

संक्रमण के शुरुआत से लेकर अप्रैल के पहले तक 1,211 लोगों की कोरोना से मृत्यु दर्ज की गयी थी, और इसी तरह का समान आंकड़ा केवल पिछले 50 दिनों के दौरान दर्ज किया गया है। स्थिति के सकरात्मक पक्ष को देखा जाए तो भारी मात्रा में मरीज़ ठीक हो गए हैं, जिनकी वजह से सक्रीय मामलों में गिरावट आयी है। इसके साथ ही इस समय स्थिति को देखकर यही अनुमान लगाया जा रहा है की मामले आगे भी कम होंगे, लेकिन स्थिरता वापस लाने के लिए अभी भी कोरोना के मानदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा।

कल 14,213 खुराकों के साथ टीकाकरण में तेजी आई


राज्य में लखनऊ पहला शहर है जहां 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ। पिछले 4 दिनों में लगभग 58,897 डोज़ लगाई जा चुकी हैं, और कुल टीकाकरण की संख्या 7,65,046 है। यहां ये समझना ज़रूरी है की टीकाकरण ही कोरोना संक्रमण से लड़ने का सबसे भरोसेमंद रास्ता है।