लखनऊ में कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ लगातार नीचे की ओर जा रहा है, जिससे यूपी के सबसे गंभीर रूप से संक्रमित शहर को एक राहत की सांस मिली है। शहर में लगातार 10वें दिन करीब 502 नए मामले सामने आए। कोरोना संक्रमण के प्रसार की कम दर के अलावा लगातार रिकवर होने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी भी शहर की कोरोना स्थिति के बेहतर होने का संकेत दे रही है। मई की शुरुआत से, ठीक होने वालों की संख्या ने नए मामलों की संख्या को पीछे छोड़ दिया है, जिससे शहर में सक्रिय मामले काफी कम हो गए हैं।

लखनऊ ने कोरोना की दूसरी लहर को पार किया


पिछले कुछ हफ्तों में लगातार उपचार से रिकवरी देखी जा रही है, और नए मामलों में लगातार गिरावट आने से यह पता चलता है कि लखनऊ ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की पीक को अच्छी तरह से पार कर लिया है। हालांकि, राज्य प्रशासन और जिला अधिकारी किसी भी प्रतिबंध को हटाने के पक्ष में नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक गंभीर महामारी की स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए लखनऊ और यूपी के अन्य जिलों में कड़े प्रतिबंध और प्रोटोकॉल फिर से लागू किए गए हैं।

बढ़ते हुए ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट से लेकर व्यापक टीकाकरण अभियान तक,पूरे उत्तर प्रदेश में डटकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। राज्य में ग्रामीण उपनगरों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लाभ के लिए विशेष प्रावधान और कोरोना टीमें भी तैयार की गई हैं। इससे यूपी में संपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संक्रमण के विकास की निगरानी करने में और समग्र रिकवरी दर को बढ़ावा देने में मदद मिली है।


महामारी की शुरुआत से अब तक राज्य में 4, 83,249 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं, और लखनऊ में रिकवर होने वाले लोगों की तादात सबसे 1459 के साथ सबसे अधिक है। अब तक, लखनऊ में 2,23,575 से अधिक लोगों ने महामारी के संकट को सफलतापूर्वक हराया है। दूसरी ओर, मंगलवार को 19 वायरस से संबंधित मौतों के साथ मरने वालों की संख्या 2,287 है।