एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य भर के अस्पतालों में कोविड वार्डों में तैनात डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए 25% वेतन वृद्धि की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वच्छता कर्मचारियों और अन्य फ्रंटलाइन योद्धाओं को इस महत्वपूर्ण समय में, उनकी सेवाओं के लिए अतिरिक्त मुआवजे की पेशकश की जाएगी। राज्य प्रशासन ने यह कदम संक्रमण में अभूतपूर्व उछाल और चिकित्सा व्यवस्था पर भारी बोझ को देखते हुए उठाया है।

मेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रमों के छात्रों को कोविड सेवाओं में लगाया जाएगा


सीएम ऑफिस ने एक ट्वीट करके बताया कि, चिकित्साकर्मियों को उनके निरंतर प्रयासों के लिए उनके वर्तमान वेतन और मानदेय में वृद्धि की गई है। महामारी के खिलाफ एक साल की लड़ाई के बाद, दूसरी कोविड लहर ने चिकित्सा कर्मचारियों के काम को कई गुना अधिक बढ़ा दिया है। कुछ स्थानों पर, डॉक्टर अपने परिजनों से हफ़्ते भर के लिए दूर रहे हैं ताकि, ​​रोगियों की नियमित देखभाल कर सकें और ध्यान रख सकें। उनके अथक प्रयासों को देखते हुए, वेतन को बढ़ाना एक सराहनीय कदम है। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड वार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को आइसोलेशन की अवधि के लिए अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जाएगी। राज्य में चिकित्साकर्मियों की संख्या को बढ़ाने के लिए, मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों से अंतिम वर्ष के छात्रों को भी इस कार्य में लगाया जाएगा। इसके अलावा, सेवानिवृत्त नर्सों और डॉक्टरों, अनुभवी पेशेवरों और पूर्व सैनिकों की एक सूची भी तैयार की जा रही है, जिन्होंने आपातकालीन स्थितियों में कोविड के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान दिया था।