पिछले सप्ताह लखनऊ में हर दिन औसतन कोरोना के 20 नए मामले सामने आए थे। गुरूवार को जहां 24 नए मरीज़ मिले, वहीं 12 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो गए। रिकवर होने वोले लोगों की संख्या, नए मामलों की तुलना में आधी थी। इन आंकड़ों के साथ, वर्तमान में पूरे उत्तर प्रदेश में लखनऊ में सबसे अधिक 281 सक्रिय मामले हैं।

लखनऊ ने दूसरी लहर को पार किया


कोरोनोवायरस की दूसरी लहर की भयावह स्थिति को पार करते हुए, लखनऊ में पिछले सप्ताह में पाजिटिविटी दर 0.1% रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि संक्रमण के चरम पर पहुंचने के बाद भी एहतियात जारी रखना महत्वपूर्ण है।

ऐसे में, जिला प्रशासन ने महामारी से बचाव के लिए शहरी और साथ ही ग्रामीण सीमाओं में टेस्टिंग और टीकाकरण को तेज कर दिया है। प्रत्याशित तीसरी लहर से पहले पीआईसीयू और एनआईसीयू की व्यवस्था भी चल रही है।

राज्य के बाकी हिस्सों की तरह, लखनऊ ने भी कोरोना के खिलाफ भरसक प्रयास किये हैं और सैंपलिंग,टेस्टिंग,ट्रेसिंग,ट्रीटमेंट और टीकाकरण निरंतर चल रहा है। राज्य की राजधानी में यूपी के सबसे अधिक मामले रहे हैं और इसीलिए लखनऊ शहर में संसाधनों की अधिक से अधिक सप्लाई होना महत्वपूर्ण था। गिरती स्वास्थ्य व्यवस्था की दरारों को भरने के लिए जिले ने अप्रैल और मई के महीनों में कई अस्थायी सुविधाओं की स्थापना की गयी।

यूपी ने गुरुवार को हासिल किया 1 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य


जबकि लखनऊ ने टीकाकरण में तेजी लाने के लिए मेगा इनोक्यूलेशन सेंटर और अन्य साइटों को स्थापित करने के लिए अपने संसाधनों को बढ़ाया, राज्य ने गुरुवार को 1 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य हासिल किया। अतिरिक्त मुख्य स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य के मिशन जून के बैनर तले उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जून में लगभग 1 करोड़ लोगों को टीका लगाने की महत्वाकांक्षा रखी थी और लक्ष्य को समय सीमा से कुछ दिन पहले हासिल किया गया था। लखनऊ ने वैक्सीन की लगभग 13.2 लाख खुराक उपलब्ध कराई है, जबकि यूपी का कुल आंकड़ा 2.8 करोड़ से अधिक है।