लखनऊ में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की बढ़ी हुई सप्लाई को और बढ़ाने के लिए कानपुर और यूपी के अन्य जिलों के प्रत्येक कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के पास अपने 20 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर होंगे और इस संबंध में यूपी कैबिनेट ने निर्देश जारी कर दिए हैं। यह पहल मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की मेडिकल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए है जो गंभीर रूप से कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए सहायक रहेगी।

बेहतर प्रबंधन के लिए यूपी में 4,370 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की योजना


कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चरम पर पहुंचने के बीच लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन (Liquid Medical Oxygen) की बढ़ती हुई मांगों को पूरा करने के लिए, उत्तर प्रदेश राज्य अपनी ऑक्सीजन उपलब्धता को तेजी से बढ़ाने के लिए तैयार है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य 90 टैंकरों के माध्यम से 800 मीट्रिक टन से 850 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। एक बार प्रयास सफल होने के बाद यह यूपी में सबसे अधिक मात्रा की ऑक्सीजन सप्लाई होगी। रिपोर्ट के अनुसार,वर्तमान समय की कोरोना लहर के पहले लोगों की ज़रुरत को पूरा करने के लिए 32 टैंकर पर्याप्त थे।

उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन संकट के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए 4,370 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर को तैनात करेगा। ये उपकरण पहले से ही सभी राज्य के जिलों में प्रदान किए गए हैं जहां ये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपयोग किए जाएंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री के आदेश के अनुसार जिलों में वेंटीलेटर सुविधा भी उपलब्ध कराई गयी है। राज्य में अन्य सभी तरह के जीवन वर्धक मेडिकल उपकरणों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया गया है।

यूपी में ऑक्सीजन सप्लाई का समय से होगा ऑडिट

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है की मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को मेडिकल संसाधनों का विस्तृत ऑडिट करने का आदेश दिया है। ये मांग की मात्रा को समझने में और ऑक्सीजन सप्लाई की उपलब्धता का निरीक्षण करने में प्रशासन की सहायता करेगा जिससे दैनिक आधार में ऑक्सीजन सप्लाई बनी रहेगी और सभी सार्वजनिक,प्राइवेट अस्पताल और राज्य सरकार के बीच तालमेल बना रहेगा। ऑडिट अधिकारियों को इस आपातकालीन समय में राज्य द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों और प्राइवेट संस्थानों में तेज़ी से स्थापित की जा रहीं ऑक्सीजन जनरेशन यूनिट का ट्रैक रखने में मदद करेगा। मुख्य सचिव को समय सीमा के अंदर सारे कामों का होना सुनिश्चित कर दैनिक विकास की एक रिपोर्ट रखनी होगी।

राज्य में ऑक्सीजन पर रहेगी कड़ी निगरानी


स्थापित मॉनिटरिंग सिस्टम के पास विभिन्न जिलों के अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन मांग, अलॉटमेंट और लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन (Liquid Medical Oxygen) की लोडिंग, हाईवे पर चलते हुए ऑक्सीजन टैंकर, ऑक्सीजन सप्लाई और उसकी उपयोगिता की संपूर्ण लाइव जानकारी है। होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना रोगियों को ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए हर जिले में ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रस्ताव को बढ़ाते हुए राज्य ने उन ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांटों को वापस शुरू करवाया है जो बंद हो गए थे।

एक प्रवक्ता ने बताया की ऑक्सीजन टैंकरों को बस्ती, रायबरेली, संतकबीर नगर और गोरखपुर जैसे जिलों में भेज दिया गया है और बरेली और मुरादाबाद में ऑक्सीजन ट्रेन के ज़रिये पहुंचाया जा रहा है। आगरा में ऑक्सीजन की डिमांड हवाई मार्ग से पूरी कर दी गयी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन विभाग को आदेश दिया है की प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स को तुरंत वेंटीलेटर और अन्य मेडिकल सुविधाओं के संचालन के लिए नियुक्त किया जाए।