लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में 12 से 21 नवंबर तक 32वें हुनर हाट का आयोजन हो रहा है। देश के शिल्पकारों की आय बढ़ाने के लिए उनके स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है और हुनर ​​हाट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ है। भारत के हस्तशिल्प ने इसके माध्यम से पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त की है।

यह पहल न केवल स्वदेशी कारीगरों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी लाभान्वित कर रही है। वोकल फॉर लोकल (Vocal For Local) की परिकल्पना पर आधारित हुनर हाट में उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से ज्यादा शिल्पकारों और कारीगरों ने अपना स्टॉल लगाया है।

राजस्थान, दिल्ली, नागालैंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, बिहार, आंध्र प्रदेश, झारखंड, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और लद्दाख सहित 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कारीगर और शिल्पकार लकड़ी, पीतल, बांस, कांच, कपड़ा, कागज, मिट्टी से बने अपने स्वदेशी उत्पाद हुनर हाट में लाए हैं।

मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पिछले छह वर्षों में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की इस पहल के माध्यम से 6.75 लाख से अधिक कारीगरों, शिल्पकारों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।

यह कार्यक्रम सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की भी मेजबानी कर रहा है। 21 नवंबर को समाप्त होने वाले इस कार्यक्रम में अन्नू कपूर, पंकज उधास, कुमार शानू, अलका याज्ञनिक, अल्ताफ राजा और सुरेश वाडेकर सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे।

 काकोरी कांड की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

हुनर हाट में काकोरी कांड की झांकी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती नजर आई। इसके पास ही 1857 के ग़दर झांकी भी लगी हुई है जहां लोग आजादी की लड़ाई को याद करते हुए पिक्चर खिचवा रहे हैं। दोनों झांकियों के पास लोगों के लिए सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है, जहां बड़ी संख्या में आंगतुक सेल्फी लेते नज़र आये।

प्रदर्शनी में मौजूद है हस्तनिर्मित सामानों की विशेष वस्तुएं

हुनर हाट में डिज़ाइनर फर्नीचर, घर की सजावट का सामान, सिल्क की साड़ी, कश्मीरी जैकेट और शॉल और वूलन कपड़े, हैंडमेड डिज़ाइनर आइटम्स जैसे, हैंडमेड चाबी का गुच्छा, डिज़ाइनर झुमके, ब्रेसलेट्स, कंगन चूड़ी। भदोही की कालीन, हस्तनिर्मित सिरेमिक डिनरवेयर / टेबलवेयर, मिट्टी की क्रॉकरी, तांबे और पीतल की मूर्तियां, कपड़े पर बनी हस्तनिर्मित पेंटिंग और कलाकृतियाँ, लकड़ी से बने रोजमर्रा की जरूरत वाले सामान, खादी की सदरी, कुर्ता पायजामा, जूते बेडशीट्स आदि हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगी हुई है जहां आप आकर्षक दामों पर खरीदारी कर सकते हैं।

हुनर हाट में उड़ीसा के पुरी के रमेश चंद्र बहेड़ा स्टॉल पर भोजपत्र पर स्टील की कलम खुदाई वाली पेंटिंग उपलब्ध है, यह लोगों के लिए कौतुहल का विषय बनी हुई है। यहां 500 रुपये से लेकर 55,000 रुपये तक की पेंटिंग मौजूद है।

अंडमान के समुद्र में पाये जाने वाले मोती से सात लड़ी की माला को लेकर मेघालय के हुनरमंद आए हैं। इस माला की कीमत 25 हजार रुपये है। सीप के हाथों से बने सजावटी सामान भी लोगों को खूब लुभा रहे हैं।

यहां पर कश्मीर में बने पश्चमीना शॉल, सेमी पश्चमीना शॉल, महिलाओं के लिए काम वाला फरेन और पुरुषों के लिए भी शॉल हैं। पश्चमीना शॉल की कीमत सात हजार रुपये और फरेन 1500 रुपये तक है। इसी तरह खुर्जा में सेरेमिक के बर्तन पर हाथों की पेंटिंग वाले बर्तन भी हैं। विश्वकर्मा वाटिका इस बार हुनर हाट के आकर्षण का केंद्र है।

दिल्ली की नगमा परवीन के पास नए डिजाइन वाली ट्रेडिशनल ज्वैलरी है। धातु पर की गई हाथ की नक्काशी से बने लैंप, असम की हैंड प्रिंटेड साड़ी, काठ की कृतियां, पश्चिम बंगाल की सूती, सिल्क व खादी की साड़ियां, इंदौर के 600 से 700 के बीच की कीमत वाले बटिक शूट, बनारसी साड़ियां, गोवा के लेदर से तैयार लेडीज व जेंट्स पर्स और बैग, भोपाल के टेराकोटा के खाना बनाने वाले बर्तन भी हुनर हाट में हैं।

चंड़ीगढ़ के लकड़ी पर किए गए काम वाला आइना, संदूक व मेज, मध्य प्रदेश की मंडला जिला की खजूर की पत्ती से तैयार डेकोरेशन करने वाला गुलदस्ता, मंदिर व कम्प्यूटर साफ करने वाला ब्रश, नागालैंड के बने ड्राई फ्लावर, कर्नाटक के काठ के खिलौने, आगरा की मार्बल की बनी बड़ी प्रतिमाएं भी हुनर हाट का आकर्षण है।

हुनर हाट में लीजिये उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के व्यंजनों का स्वाद

अगर आप खाने के शौकीन है तो हुनर हाट आज ही जाएं। यहॉँ पंजाब, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के स्वादिष्ट पकवानों को खाने और जानने का मौका आपको मिलेगा। राजस्थान के दही बड़े, दाल बाटी चूरमा, पंजाब के छोले भठूरे और लखनऊ के कबाब, वाहिद की बिरयानी जैसे अनेकों स्टॉल लगे हैं जहां आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ आराम से बैठकर इन लज़ीज़ पकवानों का लुफ्त उठा सकते हैं।

विभिन्न फ्लेवर में मौजूद है जलेबियां

भोपाल के संतोष अनानास के स्वाद वाली जलेबी लाए हैं। अनानास के कारण अलग ही सौंधापन जलेबी में आ गया है और इसके लिए उन्होंने अनानास को पानी में पकाकर उसके अर्क को जलेबी में मिलाया है। पाइन एप्पल जलेबी 30 रुपये प्लेट में हैं, वहीं रबड़ी जलेबी 50 रुपये में मिल रही है और सादी जलेबी 20 रुपये प्लेट में मिल रही है।

रामपुर का आग वाला पान

रामपुर का फायर वाला पान केवल 30 रुपये में मिल रहा है, वहीं स्मोक पान 50 रुपये और मैंगो पान 30 रुपये में मिल रहा है। इसके साथ ही बच्चों के लिए कैडबरी जैम्स वाला पान 40 रुपये में है।

मंत्रालय ने इस बार ऑनलाइन शॉपिंग की भी व्यवस्था की है। हुनर हाट hunarhaat.org और GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल) पर भी उपलब्ध होगा। ऑनलाइन खरीदार खरीदारी करने के लिए पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं।

स्थान – सेक्टर 2 बी, अवध शिल्पग्राम के नजदीक, अमर शहीद पथ, अवध विहार, लखनऊ।
समय – सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक
दिनांक – 12 नवंबर से 21 नवंबर 2021, निशुल्क प्रवेश

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