राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद का मुख्य द्वार जल्द ही फिर अपने मौलिक स्वरूप में नजर आएगा। सिब्तैनाबाद इमामबाड़ा के मुख्य गेट का मरम्मत कार्य शुरु हो गया है, जिम्मेदारों का दावा है कि गेट करीब 2 महीने में तैयार हो जाएगा।

173 साल पुराने इमामबाड़े का मुख्य द्वार पिछले साल अप्रैल के महीने में अचानक भरभरा कर गिर गया था। इमामबाड़े के गेट के अचानक गिर जाने से आहत वक्फ इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद की कमेटी और मुतवल्ली मोहम्मद हैदर ने एएसआई को एक ज्ञापन भेज कर कार्यवाही करने और फौरन मरम्मत कराने का अनुरोध किया था। कोरोना काल में इसका संरक्षण नहीं हो सका, लेकिन अब काम शुरू हो गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण सहायक मुकेश कुमार ने बताया कि पुरानी पद्धति से काम होना है। इस कारण इसमें समय लगेगा।

कार्यदायी संस्था एसएनएन कंपनी के प्रोप्राइटर नितिन कोहली ने बताया कि चुने-सुर्खी के मिक्सचर और लखौरी ईंटो से मुख्य गेट और छत का संरक्षण किया जाएगा। वहीं, इमामबाड़ा के मुतव्वली मोहम्मद हैदर का कहना है कि पूरी इमारत जर्जर है। ऐसे में पुरी इमारत का संरक्षण करवाया जाना चाहिए।

आपको बता दें की पिछले साल हजरतगंज के महात्मा गांधी मार्ग स्थित संरक्षित इमारत मकबरा अमजत अली शाह व इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद के सामने का दरवाजा और आसपास का काफी हिस्सा भरभरा कर ढह गया। मलबे की चपेट में आई एक पान की दुकान और दो बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना पर पहुंची नगर निगम और एसडीआरएफ की टीम ने मलबा हटाया था। गनीमत रही कि लॉकडाउन की वजह से सन्नाटा था। जबकि आम दिनों में भीड़ लगी रहती है। ऐसे में बढ़ा हादसा होने से बच गया था।

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