लखनऊ शहर अपनी संस्कृति के लिए देश भर में मशहूर है और अब इस संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यहां एक सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना होने जा रही है। भारत के राष्ट्रपति ने मंगलवार को अपनी लखनऊ यात्रा के दौरान ऐशबाग में डॉ. आंबेडकर स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी। उसी के सम्मान में यहां लोक भवन से एक वर्चुअल समारोह भी आयोजित किया गया।

डॉ आम्बेडकर के सपने को साकार करेगा यह केंद्र

लखनऊ के ऐशबाग इलाके में बनने वाला यह सांस्कृतिक केंद्र सभी वर्गों के लोगों के साथ समान व्यवहार का प्रतिनिधित्व करेगा। राष्ट्रपति ने भी नींव समारोह के अपने मुख्य भाषण में इस बिंदु पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केंद्र डॉ भीम राव आंबेडकर के सपने को साकार करेगा, जो एक ऐसा समाज और प्रशासन चाहते थे, जो सभी के साथ समान व्यवहार करे और सभी के कल्याण के लिए काम करे।

यूपी के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि, “यह एक सुखद संयोग है कि हम उस दिन आंबेडकर सांस्कृतिक केंद्र की नींव रख रहे हैं, जब डॉ आंबेडकर ने ने 93 साल पहले ‘समता’ का प्रकाशन शुरू किया था, जिसका उद्देश्य सभी के लिए समानता सुनिश्चित करना था। वह जानते थे कि जब तक सभी के साथ समान व्यवहार नहीं किया जाता है, एक देश प्रगति नहीं कर सकता।

यह केंद्र लखनऊ के ऐशबाग में 1.34 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। महान नेता के सम्मान में यहां 20 फीट ऊंचे आसन पर डॉ. आंबेडकर की 25 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कथित तौर पर, उनकी राख का एक कलश भी स्मारक भवन में रखा जाएगा, जो जनता के दर्शन के लिए खुला रहेगा।

लखनऊ में बनेगा सांस्कृतिक गतिविधि का केंद्र

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, “परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है और कम से कम, इसका एक हिस्सा, विशेष रूप से वह क्षेत्र जहां प्रतिमा लगेगी, 6 दिसंबर को आंबेडकर की पुण्यतिथि तक तैयार हो जाना चाहिए।” सांस्कृतिक केंद्र में एक पुस्तकालय, एक संग्रहालय और एक 750 सीटों वाला सभागार होगा। इसका उद्देश्य  सांस्कृतिक गतिविधियों, संगोष्ठियों को बढ़ावा देना है।

यहां बनने वाला पुस्तकालय, उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो देश की संस्कृति, इतिहास और साहित्य से जुड़ी हुई पुस्तकों के साथ अपना समय व्यतीत करना चाहते है। पुस्तकालय में डिजीटल पांडुलिपियों का एक विशाल भंडार होने की संभावना है, जिसमें आंबेडकर पर एक पुस्तक और यहां तक ​​कि उनके अपने लेखन भी शामिल हैं।

समारोह के दौरान, राष्ट्रपति ने सभी के लिए समान व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए यूपी सरकार के प्रयासों की सराहना की। इससे पहले, यूपी के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति का अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह के साथ स्वागत किया।

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