पिछले वर्ष की तरह इस बार भी लखनऊ भर के हनुमान मंदिरों के ट्रस्टियों ने शहर में विशेष रूप से मनाए जाने वाले बड़े मंगल पर उत्सव आयोजित ना करने का फैसला किया है। यह निर्णय बड़े सार्वजनिक समारोहों को रोकने के लिए लिया गया है। इस तरह के उत्सव महामारी की चल रही लहर को और खराब कर सकते हैं। हालांकि,जो भक्त विभिन्न मंदिरों द्वारा आयोजित पूजा में शामिल होना चाहते हैं, वे इसकी लाइव-स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

1 जून को बड़ा मंगल का उत्सव रद्द


महामारी की दूसरी लहर के दौरान आवश्यक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, बड़ा मंगल का वार्षिक उत्सव रद्द कर दिया गया है। यह त्यौहार विशेष रूप से लखनऊ में हिंदू कैलेंडर के 'ज्येष्ठ' महीने के सभी मंगलवारों को आयोजित किया जाता है। हालांकि, भक्त लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से कई मंदिरों द्वारा आयोजित आरती में शामिल हो सकते हैं। 2021 में, चार शुभ दिनों पर बड़ा मंगल मनाया जाएगा और इन मंगलवार की तारीखें हैं- 1 जून, 8 जून, 15 जून और 22 जून है। जबकि 1 जून को मंदिर निश्चित रूप से बंद रहेंगे, शेष मंगलवारों के निर्णय की घोषणा मंदिर प्रशासन द्वारा बाद में की जाएगी।

जानें क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल उत्सव


ऐसा माना जाता है की यह त्यौहार 400 साल पुराना है और इस भव्य त्यौहार के साथ कई दिलचस्प किस्से जुड़े हैं। कुछ इतिहासकारों का कहना है कि आलिया बेगम ने अपने बेटे को जन्म देने के बाद, अलीगंज में हनुमान मंदिर बनाने पर जोर दिया। उनके अनुरोध का पालन करते हुए, मंदिर का निर्माण नवाब सआदत अली खान ने 1798 में किया था और तब ही से इस उत्सव की परंपरा शुरू हुई थी।

महामारी से पहले, लखनऊ भर में बड़े मंगल पर 9000 से अधिक हनुमान मंदिरों के दरवाज़े भक्तों के लिए आधी रात को खुलते थे। इस त्यौहार पर प्रार्थना करने के अलावा, भक्त सभी को भोजन और पानी वितरित करने के लिए शहर भर में भंडारों का आयोजन करते हैं।

बड़े मंगल की परंपरा अवध के अंतिम नवाब के शासनकाल के बाद भी अब तक जारी है। समाज के सभी क्षेत्रों के लोगों को आकर्षित करते हुए, बड़ा मंगल का उत्सव लखनऊ के विभिन्न समुदायों के बीच के सद्भाव को बेहद सच्चाई से दर्शाता है। यह हमें आपस में मिलजुल कर चलना सिखाता है और यह हमारी दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।