मुख्य बिंदु

एलडीए पुलिस लाइन की जमीन पर ट्रांसगोमती इलाके का सबसे बड़ा बाजार बनाने जा रहा है।
एलडीए इसके लिए पुलिस लाइन की खाली पड़ी 50 एकड़ जमीन गृह विभाग से लेने की तैयारी में है।
एलडीए ने इस जमीन की कीमत 1009 करोड़ रुपये आंकी है।
जमीन मिलने के बाद एलडीए इस पर कमर्शियल हब विकसित करेगा और इसका विकास निजी कंपनी के सहयोग से किया जाएगा।

लखनऊ में एलडीए एक और बाजार बनाने जा रहा है। एलडीए पुलिस लाइन की जमीन पर ट्रांसगोमती इलाके का सबसे बड़ा बाजार विकसित करेगा और इसके लिए पुलिस लाइन की 50 एकड़ जमीन ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत लेने की तैयारी है। पुलिस लाइन की लगभग 50 एकड़ जमीन की कीमत एलडीए ने करीब 1009 करोड़ रुपये अलंकित की है जमीन मिलने के बाद एलडीए इसका विकास कराएगा। एलडीए के अधिकारीयों के मुताबिक 50 एकड़ जमीन पर कमर्शियल हब विकसित किया जाएगा। जमीन मिलने के बाद ही एलडीए इस पर कमर्शियल हब विकसित करेगा और बाजार का विकास निजी कंपनी के सहयोग किया जाएगा। इसके लिए देश की जानी मानी कंसलटेंट कंपनी इसका प्रस्ताव तैयार करवा रही है। कंसलटेंट और आर्किटेक्ट अनुपम मित्तल कहते हैं कि पुलिस लाइन की जमीन का प्रस्ताव एलडीए ने तैयार करवाया है और इसका शासन में प्रेजेंटेशन हुआ है। गृह विभाग से जमीन की मंजूरी मिलने के बाद ही इस परियोजना पर आगे काम होगा।

एलडीए को शासन से मिला पैसे जुटाने का निर्देश

राजधानी में गोमती नदी के किनारे बनने वाले ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में एलडीए को बजट का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। पैसे जुटाने के लिए सरकारी जमीनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए है। जो भी जमीन चिन्हित की जा रही है उस पर एलडीए कमर्शियल हब विकसित करेगा और इसके बाद इसे लीज पर बेच दिया जाएगा। इसी के तहत एलडीए में लखनऊ यूनिवर्सिटी मार्ग स्थित पुलिस लाइन की लगभग 50 एकड़ जमीन चिन्हित की है क्यूंकि यह जमीन पुलिस लाइन के उपयोग में नहीं है। हालांकि अभी गृह विभाग से जमीन मिलने की मंजूरी नहीं मिली है क्यूंकि इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने खुद सरकारी जमीनों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

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