लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2023 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। दो साल पहले केंद्र सरकार की ओर से नए टर्मिनल 3 के लिए 1400 करोड़ रुपये दिए गए। इसमें एयरपोर्ट को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनी। अमौसी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल 3 को अभी खाली पड़ी जमीन पर बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट का तीसरा टर्मिनल 3 कानपुर छोर की ओर बनाया जा रहा है, जो कि 1,15,000 वर्गमीटर में बनेगा। इस टर्मिनल से रोजाना 80 फ्लाइटों का टेक ऑफ और लैंडिंग हो सकेगी। यहां हर 10 मिनट पर 4,000 यात्री आ-जा सकेंगे। 1,500 वाहनों की पार्किंग और 15 एयरोब्रिज यात्रियों की सुविधा के लिए लगे होंगे।

एयरपोर्ट परिसर में बनाया जाएगा वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट


अमौसी एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 के निर्माण कार्य में कई महत्वपूर्ण चीजों को ध्यान में रखा जा रहा है, जिससे इसे वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट के रूप में तैयार किया जा सकेगा। इसी कड़ी में अब यहां एयरपोर्ट परिसर में वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। इससे सीवेज निस्तारण के मामले में एयरपोर्ट आत्मनिर्भर होगा। यह काम डिपार्चर सेक्शन का काम पूरा होने के बाद शुरू किया जाएगा।


एयरपोर्ट पर करीब 1400 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल 3 का काम चल रहा है। इसके पहले चरण में डिपार्चर सेक्शन और इसके बाद अराइवल सेक्शन तैयार होगा। इसके बाद मल्टी लेवल पार्किंग बनाई जाएगी। इस बीच यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के साथ वाटर हार्वेस्टिंग का भी इंतजाम किया जाएगा। इस टर्मिनल की छत को इस तरह बनाया जाएगा, जो ऊपर से देखने पर गोमती नदी की धारा जैसी प्रतीत होगी। इसके अलावा पूरे एयरपोर्ट पर अवधी संस्कृति व स्थापत्य कला देखने को मिलेगी। लखनऊ एयरपोर्ट उत्तर भारत का सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट बनकर उभरा है, यह 50 लाख से डेढ़ करोड़ यात्री प्रतिवर्ष वाली श्रेणी में है। अब लखनऊ एयरपोर्ट कोच्चि, हैदराबाद, पुणे एयरपोर्ट को टक्कर दे रहा है।