आम एक ऐसा फल है जिसे परिचय की कोई आवश्यक्ता नहीं है, इसने हम सभी से बचपन और ज़िंदगी में मिठास घोली है। यह एक ऐसा फल है, जिससे हम सभी भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। गर्मियों के मौसम में जब घर में आम आते हैं, तो आम के साथ घर में खुशियां भी महकने लगती हैं। वैसे तो 'फलों का राजा' आम को चखना अपने आप में एक उत्सव प्रतीत होता है, लेकिन आज राष्ट्रीय आम दिवस के अवसर पर हम लोग आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जो अपने उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आमों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है

शहर से लगभग 28 किमी दूर स्थित, मलिहाबाद ने आमों की विभिन्न किस्मों और सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता से विश्व भर में अपनी पहचान बनाई है। इस छोटे शहर ने, अपने आमों के चलते देश-विदेश में बड़ा नाम कमाया है। अगर आपको आम की विभिन्न किस्मों के बारे में जानने में दिलचस्पी है तो समय निकालकर इस जगह पर घूमने ज़रूर जाएं।

मलिहाबादी दशहरी आम का मिला जीआई का दर्जा


उत्तर प्रदेश में स्थित, आम का उत्पादन करने वाले 14 सबसे बड़े क्षेत्रों में मलिहाबाद ने अपनी जगह बनाई है। इस छोटी सी जगह पर उगने वाले आमों की चर्चा कई जगहों पर होती है। लगभग 30,000 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में फैले हुए, यहां छोटे बाग और बड़े व्यावसायिक स्थान दोनों में आम की कई किस्में उगाई जाती हैं।

हालांकि, अगर यहां पर उगाई जाने वाली आम की सबसे प्रसिद्ध किस्म का दर्जा दशहरी को मिला है। भारत की भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री के अनुसार, मलिहाबादी दशहरी को वर्ष 2010 में भौगोलिक संकेत (जीआई) का दर्जा दिया गया था।

मलिहाबाद में एक पेड़ पर उगाई गईं आम की 300 किस्में


इस कस्बे की सड़कों के दोनो तरफ आपको आम की स्टॉल देखने को मिलेगी और आप यहां से अपने लिए स्वादिष्ट आम खरीद सकते हैं। यहाँ सभी उपवन एक पारिवारिक विरासत के रूप में यहाँ उगाए गए हैं जो एक या दो सदी से अधिक पुराने हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां पहला आम का पेड़ एक अफगान पठान के मुखिया ने लगाया था जो खैबर दर्रे से मलीहाबाद चले गए थे।

तब से इस स्थान पर आम की कई किस्में उगाई जा रहीं हैं, जिससे इस जगह को नई पहचान मिली है। लंगड़ा, सफेदा, कच्चा मीठा, संगीता बेनजीर और कालापहाड़ जैसी आम की कई किस्मों का मीठा स्वाद आपको यहां मिल सकता है। आपको बता दें, यहां कुछ मशहूर हस्तियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और यहां तक ​​कि फ्रंटलाइन अधिकारियों के नाम पर भी आम की कई किस्में उगाई गईं हैं। अगर आप भी इन नई किस्मों का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह जगह आपको इस जगह पर ज़रूर जाना चाहिए।

यहां के प्रमुख आकर्षणों में से एक कलीमुल्लाह खान की नर्सरी है। 'मैंगो मैन' के रूप में सम्मानित, इस पद्म श्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता ने एक ऐसे पेड़ का निर्माण किया है जो आम की 300 से अधिक किस्मों को उगा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि एक ही जड़ें होने के बावजूद प्रत्येक फल का स्वाद और बनावट अलग होती है।

नॉक-नॉक

मलीहाबाद को अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आमों के लिए ' मैंगो कैपिटल' का दर्जा दिया गया है। इसके खुले हरे भरे स्थान, आम के विभिन्न पेड़ और समृद्ध संस्कृति, दुनिया भर से कई बागवानी और आम में दिलचस्पी रखने वाले लोगों को आकर्षित करते हैं। आम की असंख्य किस्मों का केंद्र, यह स्थान पर उन सभी को आना चाहिए जिनको आम बेहद पसंद हैं। मलिहाबाद में इन रसदार और स्वादिष्ट फलों का स्वाद आप कभी भूल नहीं पाएंगे।