कोरोना महामारी की दूसरी लहर के घातक प्रभावों के कारण लखनऊ शहर में कड़े प्रतिबंध लगे हुए थे। लॉकडाउन के प्रतिबंधों के चलते शहर की सभी बाज़ारें बंद कर दी गयी थीं। कोरोना कर्फ्यू में छूट के बाद से शहर के सभी बाजार आज से खुल चुके है। लखनऊ भर के बाजार 51 दिनों तक बंद रहने के बाद आज फिर से शुरू हो गए हैं। प्रसिद्ध हजरतगंज और अमीनाबाद के बाजारों सहित लगभग 1,275 छोटी, बड़ी सभी दुकानें आज से खुल गयीं हैं और इसी के चलते सड़कों पर कम संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। जिले में अब सभी बाजार और दुकानें शाम 7 बजे तक ही खुलेंगी, और शाम 7 बजे से सुबह 7 तक 12 घंटे का नाईट कर्फ्यू रहेगा।

39 दिन बाद सड़कों पर उतरे नागरिक


कपड़े, आभूषण, बर्तन, कॉस्मेटिक, हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और अन्य सभी सुविधाओं वाली दुकानें और शोरूम्स आज फिर से खोल दिए गए हैं। 39 दिनों के लंबे लॉकडाउन के बाद पहले दिन दुकानदारों के छोटे-छोटे समूह बाजार केंद्रों पर उमड़ पड़े। शहर के भूतनाथ बाजार में सड़कों पर वैसा ही ट्रैफिक जाम देखा गया जैसा कि महामारी से पहले के समय में देखा जाता था।


विशेष रूप से, इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर लोगों की सबसे अधिक भीड़ देखी जा रही है। रेफ्रिजरेटर, कूलर और अन्य गर्मियों की आवश्यक वस्तुओं की मांग बढ़ी है । ज़्यादातर दुकानदार उचित सेनिटाइजेशन के बाद केवल मास्क पहने हुए व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ दुकानों में प्रवेश पर एक कोविड हेल्पडेस्क बनाया गया है, जहां ग्राहकों का नाम, पता, नंबर पहले दर्ज किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि उचित सामाजिक दूरी के नियम कहीं पालन होते नजर नहीं आ रहे हैं।

संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच दुकान-मालिकों को आर्थिक स्थिरता की उम्मीद है


दुकानों का फिर से खुलना बेशक दुकानदारों के लिए ख़ुशी का सबब है और उन्हें उम्मीद है कि लखनऊ में खरीदारी का हाल जल्द ही पहले जैसा हो जाएगा। कुछ रिटेल विक्रेताओं ने बताया की कि वे पिछले दो महीनों के दौरान ठप पड़े कारोबार के कारण गोदामों में पर्याप्त स्टॉक के बावजूद अपना लोन वापस करने में असमर्थ हैं।


उनमें से कई का मानना ​​है कि आर्थिक स्थिति को वापस पटरी पर लाने में लंबा समय लग जाएगा, लॉकडाउन से पहले कुछ व्यापारियों ने लोन लेकर अपना काम फिर से शुरू किया था, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने उनको फिर से वहीं लाकर खड़ा कर दिया है, उनका कर्जा बढ़ गया है। ऐसे में बस अब व्यापर चल जाए तो स्तिथि पहले से थोड़ी बेहतर हो जायेगी, लेकिन साथ ही तीसरी लहर का डर अभी भी बना हुआ है। व्यापारियों का मानना है की अगर सब कुछ ठीक रहा तो नुक्सान की भरपाई करने में दिवाली तक का समय लग जाएगा। जबकि महामारी ने सार्वजनिक और निजी जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित किया, रिटेल की दुनिया में सामने आने वाली समस्याओं की स्थिति काफी बुरी है।

संक्रमण से बचने के लिए सावधानी ज़रूरी है


शहर की सड़कों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए, सभी कोरोना से संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय भटनागर ने अधिकारियों को शहर के बाजारों जैसे आम जगहों पर आरटी-पीसीआर जांच के लिए रैंडम सैंपलिंग करने के निर्देश दिए हैं। यह गौर करना ज़रूरी है कि कोई भी व्यक्ति संक्रमण की अनियंत्रित कड़ी का स्त्रोत न बनने पाए।