लखनऊ स्थित 'आईसीएआर लैब' ( ICAR Lab), 'सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर' (Central Institute of Subtropical Horticulture) ने एक मोबाइल एप्लिकेशन को विकसित किया है जो शहर में 'आमों' (mangoes) की आसान होम डिलीवरी की सुविधा प्रदान करेगा। 'मैंगो बाबा' ऐप (Mango Baba' app) आपके पसंदीदा आमों को ऑर्डर करने और उन्हें आपके दरवाजे तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने का एक सरल ऑनलाइन साधन है। एप्लिकेशन को पिछले साल संस्थान के कृषि-व्यवसाय इन्क्यूबेशन केंद्र में निर्माताओं द्वारा डिजाइन किया गया था और पहले की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए इसे अपग्रेड भी किया गया है।

बेहतर और ग्राहक फ्रेंडली है 'मैंगो बाबा' एप


CISH के डायरेक्टर, श्री शैलेंद्र राजन ने मैंगो बाबा ऐप में अपग्रेड के बारे में विस्तार से बताया और इसके फाइन-ट्यून सर्वर और रैपिड रिस्पांस और नेविगेशन सिस्टम पर भी प्रकाश डाला। "ऐप पिछले साल विकसित किया गया था, लेकिन पहले वर्ष के अनुभव के आधार पर इसे अपग्रेड किया गया है। उपभोक्ताओं के नम्बरों पर ओटीपी आने में कठिनाई हो रही थी। इस परेशानी को हल करने के लिए, एक तेज़ सर्वर का उपयोग करने का प्रयास किया गया था क्योंकि एक ही समय में अत्यधिक रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता थी।"

उन्होंने यह भी बताया कि ऍप्लिकेशन में अब कैश और ऑनलाइन पेमेंट दोनों की सुविधा है। इसे ऐप को खरीदारी को और आसान बनाने के लिए किया गया है। सीआईएसएच को उम्मीद है कि उग्र महामारी के बीच अधिक से अधिक खरीदारों द्वारा इस सुविधा का उपयोग किया जाएगा, क्योंकि अधिकांश लोग विभिन्न कर्फ्यू प्रतिबंधों और संक्रमण के खतरे को देखते हुए अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

आमों की बिक्री से लेकर मार्केटिंग तक


ऐप और इसके डेवलपर्स ने इस बात पर ध्यान दिया है कि आम का मौसम सीमित है जिससे इसकी मार्केटिंग भी दो महीनों तक सीमित है। हालांकि, आम से बने हुए उत्पाद जैसे अचार और इम्युनिटी को बढ़ाने वाले उत्पादों को भी इस सूची में जोड़ा गया है ताकि पूरे वर्ष व्यापार चलता रहे।

ऐप, आमों से सम्बंधित उत्पादों के निर्माण में लगे सेल्फ हेल्प समूहों को एक मंच प्रदान करेगा। उन्हें बिक्री और मार्केटिंग के कई अवसर दिए जाएंगे। डायरेक्टर राजन ने कहा, 'भविष्य में इसका इस्तेमाल लोगों के घरों तक पौधे पहुंचाने में भी किया जाएगा।