पॉलिटेक्निक चौराहा लखनऊ का सबसे प्रसिद्ध और व्यस्त चौराहों में से एक है। इस चौराहे से शहर के विभिन्न इलाकों और राजमार्गों के लिए रास्ता गया है। जैसे सीतापुर, फैजाबाद, बाराबंकी, शहीद पथ रोड आदि। पॉलिटेक्निक चौराहे पर अक्सर जाम की समस्या रहती है, खासतौर पर सुबह और शाम के वक़्त इस चौराहे पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है, जिसके कारण लंबा जाम लगता है और यहां से गुजरने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


पॉलिटेक्निक चौराहे पर इन्ही सारी परेशानियों को देखते हुए और खासतौर पर जाम की समस्या को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारी कर ली है। पॉलीटेक्निक चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल सही न होने के कारण हो रही समस्या से लोगों का समय ख़राब होता है और कई बार भारी जाम भी लग जाता है। इसी मुद्दे का संज्ञान लेते हुए ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने एक बैठक बुलाई, इसमें चौराहों और तिराहों पर वाहन की कतारें ने लगे, इसके लिए उपाय करने का निर्देश दिया है और कहा है की पॉलिटेक्निक चौराहे को एक आदर्श चौराहा बनाया जाए।

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने बैठक में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारीयों को निर्देश दिया कि पॉलिटेक्निक चौराहे की समस्या दूर करें। इसको 'आदर्श चौराहा' बनाया जाए। तिराहा और चौराहों पर यातायात सुगम बनाने के लिए 50 मीटर तक 'नो व्हीकल जोन' (No-vehicle zone) बनाने का निर्देश दिया। यानी इस जोन में कोई वाहन खासतौर पर ऑटो- ई रिक्शा या टेम्पो सवारी भरने के लिए नहीं रुकेंगे। इसके साथ ही सिग्नल के कारण हो रही दिक्कतों को दूर करने का भी निर्देश दिया है। इसके लिए ट्रैफिक के दबाव के अनुसार टाइमिंग सेट की जाएगी।

आदर्श चौराहा बनाने के लिए इन उपायों को किया जाएगा


➡ सिग्नल की टाइमिंग सेट की जायेगी, ठीक की जायेगी।

➡ चौराहे पर सवारी वाहन को 50 मीटर के दायरे में पार्किंग नहीं करने दी जाएगी।

➡ चौरहे पर नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत चालान होगा।

➡ चौरहे पर 50 मीटर तक 'नो व्हीकल जोन' (No-vehicle zone) बनाया जाएगा।

➡ लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

चौराहे के चारों तरफ होगी ग्रीन बेल्ट


राजधानी का पॉलिटेक्निक चौराहा जल्द ही मिग क्रॉसिंग के नाम से पहचाना जाएगा। चौराहे का सौंदर्यीकरण करवाने के साथ ही लड़ाकू विमान मिग भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के युवाओं के स्किल डिवलेपमेंट के लिए एचएएल परिसर में डिफेंस हब भी बनाया जाएगा।

पॉलिटेक्निक चौराहे के चारों तरफ एचएएल ग्रीन बेल्ट डिवेलप करवाएगा। चौराहे की डिजाइन में भी डिफेंस की झलक नजर आएगी। इसके लिए मॉडल तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। मिग के अलावा अन्य छोटे हथियार भी देखने को मिलेंगे। एचएएल परिसर में युवाओं के स्किल डिवेलपमेंट के लिए डिफेंस हब भी बनाया जाएगा। इसमें डिफेंस एक्सपो में स्टार्टअप लेकर आने वाली कंपनियों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए डिफेंस एक्सपो में शिरकत करने वाली करीब 150 कंपनियों को चिह्नित किया जा रहा है।