नवाबगंज बर्ड सैंक्चुरी उत्तर भारत के वेटलैंड्स में से एक है, और उत्तर प्रदेश के रत्नों में से एक माना जाता है। एक खूबसूरत झील और प्राकर्तिक दृश्यों के साथ घिरी हुई इस सैंक्चुरी में वॉचटॉवर और नाव भी है जो यहां की सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं। स्पोटविल्ल, वुडपेकर, पाराकीट, पेंटेड स्टोर्क, कूट, कॉमन टील, शोवलर, पोचार्ड जैसी लखनऊ की नवाबगंज बर्ड सैंक्चुरी में है खूबसूरत चिड़ियों का अनोखा संगम का यहां निवास है, और यदि आप चिड़ियों के सौंदर्य को देखने के शौक़ीन हैं तो आपका यहां आना अनिवार्य है।



2015 से यह सैंक्चुरी शहीद शेखर आज़ाद बर्ड सैंक्चुरी के नाम से भी जानी जाती है, और यह पेड़ पौधों और जीव जंतुओं का प्राकर्तिक केंद्र, एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। लखनऊ और उन्नाव के बीच स्थित यह बर्ड सेंक्चुरी सभी दिशाओं से घने हरे जंगलों से घिरी हुई है, और लगभग 250 किस्म के पक्षियों का निवास स्थल है। इन पंखों वाले जीवों में घरेलु भारतीय चिड़िया और माइग्रेटरी चिड़िया हैं, जो की ठण्ड के महीनों में ढेर सारी तादात में देखने को मिलती है। मोर, सारस क्रेन, किंग क्रो, इंडियन रोलर कुछ पक्षियों की किस्में है, जिन्हे देखने के लिए लोग यहां खिंचे चले आते हैं, और इस सेंक्चुरी में वाईपर, वाटर स्नेक, कोबरा, रैटलस्नेक जैसे कई जीवों का भी निवास है।

हालाँकि चिड़ियों को देखना ही यहां पर्यटकों के लिए सबसे मनमोहक कार्य है, यहां सेंक्चुरी में झील के इर्द गिर्द एक 2.6 किलोमीटर लम्बा साइकिल पथ है। सेंक्चुरी में एक हिरण पार्क भी है, जो वन्यजीवी प्रेमियों के लिए एक मनमोहक आकर्षण है। जब आप यहां आएंगे तो आपको एक हिरन परिसर में टहलता हुआ मिल जाएगा और नवाबगंज बर्ड सैंक्चुरी प्रकर्ति प्रेमियों और वाइल्डलाइफ के शौक़ीन लोगों के लिए समान रूप से एक बेहतरीन स्थान है। यहां की खूबसूरती में एक पहलु जोड़ता हुआ एक इंटरप्रिटेशन सेंटर है जो की अलग अलग किस्मों की चिड़ियों की विशेषताओं और गतिविधियों के बारे में गहराई से अध्ययन किया जाता है। यह अद्भुत पक्षियों का घर, आपको सुकून और बेमिसाल उत्सुकता को हमेशा संजोकर रखने का एक अनुभव प्रदान करेगा।

नवाबगंज बर्ड सैंक्चुरी में एक तालाब भी है, और आप साथ ही में कुछ मज़ेदार चहलकदमी भी कर सकते हैं। यहां पर बच्चों के लिए अच्छी तरह से प्रबंधित मैदान है जहां खेल कूद का भरपूर इंतज़ाम है।

सर्दियों के दौरान पंखों वाले मेहमानों के लिए एक प्रमुख केंद्र



सर्दियों में सेंक्चरी गर्गने टील, मल्लार्ड, पर्पल मूरहेन, लिटिल ग्रीब, स्पूनबिल, डक, विगोन और कई उड़ान भरने वाले मेहमानों का स्वागत करती है। यदि आपको पक्षियों की सबसे चुनिंदा किस्मों को देखना है तो सर्दियों का समय सबसे अच्छा है आने के लिए। लखनऊ से करीब 30 मिनट की दूरी पर नवाबगंज, टूरिस्ट बस या फिर प्राइवेट वाहन से पहुंचा जा सकता है।

तो अगर आप कुछ समय का ब्रेक लेकर प्रकृति के मध्य में कुछ समय रहना चाहते हैं, तो यहां अपने परिवार के साथ आकर शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं, और अपना कैमरा और दूरबीन साथ लेकर अवश्य आएं ताकि खूबसूरत जीवों की कोई प्रजाति आपसे अनदेखी न रह जाए।

प्रवेश शुल्क - भारतियों के लिए प्रति व्यक्ति मात्र 30 रूपये, और विदेशी पर्यटकों के लिए 350 रूपये। कैमरा ले जाने के लिए 500 रुपये का शुल्क अलग से देना होगा

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