महिलाओं के कल्याण और प्रगति को बढ़ावा देने के प्रयास में लखनऊ विश्वविद्यालय में एक नया महिला विकास केंद्र शुरू किया गया। कथित तौर पर, यह सुविधा लड़कियों और युवा महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता के मुद्दों के प्रति प्रेरित करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक प्रो. निशा पांडे को इस सेंटर का डायरेक्टर बनाया गया है।

विभिन्न सेवाओं के माध्यम से महिलाओं की सहायता के लिए केंद्र

रिपोर्ट के अनुसार, वीसी ने बताया की कि इस केंद्र में महिलाओं को उनके लिए बनायीं गयीं विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा, उनकी प्रगति के लिए उन्हें नए तकनीकी विकास के बारे में जानने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा, प्रावधानों में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम भी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारी महिलाओं की समस्याओं को समझने की कोशिश करेंगे और उसके बाद समाधान बताकर उनकी सहायता करेंगे।

कथित तौर पर, महिला विकास सेल उन सामाजिक बुराइयों के बारे में जागरूकता फैलाने की कोशिश करेगा जो महिलाओं की बढ़ोतरी में भी बाधा डालती हैं। इस तरह की पहल से महिलाओं को सामाजिक रूढ़ियों की बेड़ियों से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, विश्वविद्यालय एक गांव में नियमित रूप से जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करेगा, ताकि सुरक्षा और महिलाओं से संबंधित कई मुद्दों पर आवश्यक जानकारी प्रदान की जा सके।

महामारी से प्रभावित विद्यार्थियों की मदद के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने शुरू की पहल 

रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन उन छात्रों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार कर रहा है, जिन्होंने अपने एक या दोनों माता-पिता को कोरोना वायरस से खो दिया है। कथित तौर पर, छात्र कल्याण सेल की संयोजक प्रोफेसर पूनम टंडन ने वर्तमान स्थिति पर दुख व्यक्त किया और कहा कि इस परेशानी से ग्रसित सभी छात्रों की एक सूची तैयार की जा रही है। वर्तमान में, अधिकारी उन तरीकों पर विचार कर रहे हैं, जिनसे वे ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण छात्रों की मदद कर सकते हैं।

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