दूसरी महामारी की लहर के कारण दो महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद, नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान (Nawab Wajid Ali Shah Zoological Garden ) ने आगंतुकों के लिए आज अपने दरवाज़े खोल दिए हैं। इससे पहले, चिड़ियाघर परिसर में मासिक फुटफॉल इसकी वास्तविक क्षमता के विपरीत 1% से कम आंका गया था, जिससे संचयी आय में कमी आई थी। दोबारा शुरू होने के कारण लखनऊ चिड़ियाघर को कुछ हद तक वित्तीय राहत मिल सकती है, जिससे प्रशासन परिसर की सुरक्षा और सफाई में निवेश करते हुए जानवरों के लिए आसानी से चारा खरीद सकेगा।

महामारी से पूर्व यहां सलाना औसतन 16 लाख आगंतुक आते थे 

एक ट्रस्ट होने के नाते चिड़ियाघर काफी हद तक प्रवेश शुल्क पर निर्भर है, और महामारी के कारण यहां आगंतुकों की वार्षिक औसत में भारी गिरावट आई है, जहां पहले यहां सलाना औसतन 16 लाख लोग आते थे, वहीं यह संख्या मात्र 50-100 लोगों तक पहुंच गई है। इस गिरावट से चिड़ियाघर के लिए आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इसे दोबारा खोले जाने से अधिकारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है जो काफी समय से कम धन की समस्या से जूझ रहे थे।

आने वाले आगंतुकों को जारी किए गए कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा जैसे मास्क पहनना और सामाजिक दूरी बनाए रखना। निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले व्यक्तियों के लिए प्रवेश प्रतिबंधित होगा।

लखनऊ चिड़ियाघर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है

नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन की स्थापना 29 नवंबर, 1921 को प्रिंस ऑफ वेल्स के शहर में आगमन के उपलक्ष्य में की गई थी। लखनऊ चिड़ियाघर के रूप में प्यार से प्रतिष्ठित, इस प्रतिष्ठान में लगभग 100 विभिन्न प्रजातियों के 1,000 जानवर हैं। इस सूची में इज़राइल से भी नए ज़ेब्रा की एक जोड़ी शामिल हुई है। इसके अलावा इस प्राणी उद्यान के पास 3 आईएसओ प्रमाण पत्र हैं।

इसके अलावा, पिछले महीने के अंत में, लखनऊ चिड़ियाघर को वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ जू एंड एक्वेरियम (WAZA) की सदस्यता भी दी गई थी, जिसने इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह सदस्यता चिड़ियाघर को जानवरों की देखभाल और कल्याण के बारे में विश्व स्तरीय जानकारी भी प्रदान करेगी। इसके अलावा, WAZA के समर्थन से अधिकारियों को उनके संरक्षण प्रयासों में मदद मिलेगी और चिड़ियाघर में कई जानवरों और लुप्तप्राय प्रजातियों की देखभाल की जाएगी।

यह चिड़ियाघर भारत का और शायद दुनिया का पहला प्राणी उद्यान भी बन गया है, जिसमें ‘mixed reality with smart audio-guided tour’ की सुविधा दी गई है और आपको यह सब देखने के लिए इंटरनेट कनेक्शन या किसी बाहरी हार्डवेयर की भी आवश्यकता नहीं होगी! ऐप वीआर 360-डिग्री वीडियो के साथ आता है, जो आपको बिना किसी जोखिम के बाड़े के अंदर अपने पसंदीदा जानवरों को बेहद करीब से देखने का अवसर देता है। 

क्या आप किसी जोनवर को गोद लेना चाहते हैं ?

वित्तीय कमी से निपटने के लिए, चिड़िया घर के अधिकारी लोगों को जानवरों को गोद लेने को प्रोत्साहित कर रहे हैं। लखनऊ चिड़ियाघर की गोद लेने की नीति से संरक्षकों को 80G के तहत आयकर छूट के रूप में भी लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त, नाम और पते सहित गोद लेने वालों का विवरण संलग्नकों (enclosures) पर प्रदर्शित किया जाएगा।

 

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