लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट को और भी हाईटेक करने के लिए अब एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लखनऊ के पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय से कमिश्नरेट पुलिस को 250 बॉडी वॉर्न कैमरे मिले हैं। पांचो जोन की पुलिस को 50-50 कैमरे दिए जा रहें हैं। वाहन चेकिंग, धरना प्रदर्शन, बवाल या फिर दबिश के दौरान पुलिसकर्मी वीडियोग्राफी भी कर सकेंगे ताकि कोई उन पर झूठे आरोप न लगा सके। इसके साथ ही कोई घटना-दुर्घटना को तो पुलिस उसकी रिकॉर्डिंग भी कर सके।

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान कोई विवाद या कहासुनी होने पर अक्सर पुलिस पर वसूली के आरोप लगा दिए जाते हैं। दबिश के दौरान भी कभी-कभी पुलिस पर अभद्रता के आरोप लगते हैं। वहीं, आजकल जरा-जरा से बात पर लोग मोबाइल वीडियो बनाने लगते हैं, जिससे पुलिसकर्मी क्या कर रहें हैं ये तो दीखता है, मगर क्यों कर रहे हैं ये उस वीडियो में नहीं होता। जब पुलिसकर्मी की वर्दी पर बॉडी वॉर्न कैमरा लगा होगा तो वह और सामने वाला दोनों की मर्यादित आचरण करेंगे।

एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने बताया कि ये बॉडी वॉर्न कैमरे बेहद उम्दा क्वालिटी के है। इससे हाई रेज़ोल्यूशन फोटो और बेहतरीन वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। ये कैमरे जोन में लगे सर्वर से कनेक्ट रहेंगे। पुलिसकर्मी अपनी वर्दी में लगा कैमरा जिसे ही ऑन करेगा, जोन के सर्वर से जुड़ी स्क्रीन पर उसकी कार्रवाई को सीधे देखा और रिकॉर्ड किया जा सकेगा। एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मी जब अपनी वर्दी पर लगा ये कैमरा ऑन करेंगे तो उसमें से लेजर लाइट निकलेगी।

इससे संबंधित पुलिसकर्मी ये जान सकेगा कि सामने का क्या दृश्य उसके कैमरे में रिकॉर्ड हो रहा है। जबकि सामने वाले को इसका पता ही नहीं चल पाएगा कि कैमरा ऑन है यह नहीं। इस कैमरे का बैटरी बैकअप करीब दो दिन का है। जबकि लगातार रिकॉर्डिंग करने पर बैटरी करीब 12 घंटे तक चलेगी। प्राची सिंह ने बताया कि राजधानी के शहरी और ग्रामीण इलाके के सभी थानों की पुलिस के पास 240 बॉडी वॉर्न कैमरे पहले से भी है।   

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