लखनऊ में स्मारकों की सुंदरता की रक्षा के लिए, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने प्रतिष्ठित घंटा घर के चारों ओर एक बाड़ लगाने का फैसला किया है। वर्तमान में, यह टॉवर सभी तरफ खुला हुआ है, जिससे परिसर में असामाजिक तत्वों और अतिक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एलाइड हुसैनाबाद ट्रस्ट (Allied Hussainabad Trust) की ओर से विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर बाड़ लगाने की अपील की गई है।

लखनऊ की विरासत की रक्षा के लिए

एलाइड हुसैनाबाद ट्रस्ट के प्रभारी किंसुक श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक टीम ने लखनऊ के घंटा घर में सुरक्षा बाड़ की चर्चा और विकास शुरू करने के लिए एलडीए अधिकारियों से मुलाकात की है। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि एक अस्थाई शौचालय भी बनाया जाएगा।

यह सुरक्षा बाड़ यहां आवारा पशुओं, असामाजिक तत्वों और घुसपैठ से राहत दिलाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर की विरासत को बचाने के लिए काम कर रही संस्था को इस कार्य के व्यय (expenditure) का लेआउट तैयार करने का काम सौंपा है।

इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट एलडीए को इस विसास कार्य के बजट को स्वीकृत करने के लिए भेजी जाएगी। किंशुक श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारी जल्द ही घंटाघर परिसर का निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद यहां एक बाउंडरी का निर्माण किया जाएगा.

नॉक-नॉक

लखनऊ के घंटाघर की सुरक्षा बढ़ाना, शहर की विरासत और पारंपरिक पहचान को बचाने की दिशा में एक कदम है। नवाबी विरासत के प्रतीक को संरक्षित करने का यह एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।

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