लखनऊ के सीवर सिस्टम को दुरुस्त करने का काम पूरे शहर में चल रहा है। ऐसे में कई इलाकों में सीवर के लिए डाली गई पाइप लाइन की खुदाई से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत अमृत मिशन योजना में अभी कैसरबाग, लालबाग, अमीनाबाद, गोलागंज और हज़रतगंज से लगे इलाकों में स्मार्ट सीवर लाइन बिछाने का काम हो रहा है। कुल 78 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जानी है और अब तक 50 किलोमीटर बिछ चुकी है। इस योजना से करीब शहर के 38000 घरों को जोड़ा जाएगा।

इसमें मैनहोल में सेंसर लगाए जाएंगें जो सीवर के ओवर फ्लो करने से पहले ही कमांड सेंटर को अलर्ट सिग्नल भेज देंगे। इस सुविधा से लोगो को सहूलियत होगी और उन्हें बार बार सीवर सफाई के लिए शिकायत नहीं करनी पड़ेगी। करीब 10 साल पहले जब जेएनयूआरएम योजना (JNURM plan) के तहत सीवर लाइन बिछाने का काम किया गया था तो उसमें शहर के उन इलाकों को शामिल किया गया था, जहां सीवर लाइन नहीं बिछी थी।

योजना के तहत सीवर लाइन के काम में करीब 1700 करोड़ रुपये खर्च किये गए। योजना में उन इलाकों को शामिल नहीं किया गया था जहां पुरानी सीवर लाइन पड़ी थी। स्मार्ट सिटी योजना में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत जो कैसरबाग, लालबाग़, अमीनाबाद, गोलागंज और हजरतगंज आदि का जो इलाका शामिल किया गया है, वहां पर पुरानी लाइन की जगह अब नई सीवर लाइन डालने का काम हो रहा है।

जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष मौर्या का कहना है कि सीवर लाइन के मैनहोल पर एक ऊंचाई पर सेंसर लगाए जाएंगे। यह जब सीवर लाइन में एक तय लेवल तक सीवर का पानी आ जाएगा तो वह कमांड सेंटर को अलर्ट भेज देगा। जिससे लाइन के चोक होने से पहले ही उसकी सफाई का काम किया जा सकेगा। इससे सीवर ओवर फ्लो करने की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष मौर्या ने बताया कि कोरोना के चलते इस काम में देरी हुई है, वरना यह काम कई महीने पहले ही पूरा हो जाता। अब दिसंबर तक इसे पूरा करने का टारगेट रखा है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *