कहा जाता है जीवन में जब आप स्वयं विषम परिस्थितियों से जूझ रहे हों तो ऐसे समय में किसी और की मदद करने से कभी कभी अपनी खुद की मदद हो जाती है। ऐसी ही बात को सच करते हुए, शीरोज कैफे (Sheroes Cafe) में काम करने वाले एसिड अटैक सर्वाइवर, अब ज़रूरतमंदों को निःशुल्क भोजन प्रदान करने का नेक काम कर रहे हैं। यह पहल पिछले महीने से शीरोज़ की लखनऊ और आगरा फ्रेंचाइजी के द्वारा संयुक्त रूप से चलाई जा रही है। महामारी के बाद हुए नुकसान के चलते उन्हें शीरोज़ को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह पहल गरीबों को खाना खिलाने के अलावा तेजाब हमले के जैसे घिनौने अपराध को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता भी पैदा कर रही है।

प्रतिदिन लगभग 100 लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं 

एसिड अटैक सर्वाइवर्स ने अपने कामों को आपस में बांट लिया है- कुछ कच्ची सब्जियां खरीदते हैं, कुछ खाना पकाते हैं और कुछ पैकेजिंग और खाना बांटने के काम में शामिल हैं। हालांकि, सभी सदस्य इस बात पर विशेष ध्यान देते हैं कि सभी स्वच्छता मानकों को बनाए रखा जाए और कोविड के उचित व्यवहार का पालन किया जाए। इसके अलावा, वे यह भी ध्यान रखते हैं कि मेनू में पर्याप्त बदलाव होते रहें और भोजन का स्वाद अच्छा हो।

भूख और गरीबी किसी महामारी के खत्म होने का इंतजार नहीं करते। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, कई लखनऊवासियों ने मुफ्त भोजन वितरण अभियान में एसिड अटैक सर्वाइवरों की सहायता के लिए कदम बढ़ाया है। शहर निवासी डॉ. पी.के. सिंह ने इस नेक काम में 81 किलो राशन दान किया है और आप भी इस पहल में अपना योगदान कर सकते हैं और मिलाप पर चल रहे उनके ऑनलाइन फण्ड रेज़र में दान करके समाज के कल्याण के लिए काम कर सकते हैं।

छाँव और बिकॉज़ नेको से मिल रहा समर्थन 

शीरोज द्वारा शुरू की गयी इस नेकदिल पहल में छांव फाउंडेशन (Chhanv Foundation) उनका साथ दे रहे हैं। इसके अलावा बिकॉज़ नेको नामक एक स्पेनिश एनजीओ भी उनकी सहायता कर रहे हैं। छांव ने जो धन प्राप्त किया है उसके माध्यम से एक वर्ष के लिए 30 सर्वाइवर्स को ₹ 10,000 की मासिक पारिश्रमिक प्रदान करेंगे और लगभग 70 एसिड अटैक सर्वाइवर्स के इलाज और पुनर्वास में भी मदद करेगा।

सहानुभूति देने से सहानुभूति मिलती है

शीरोज इस पहल के माध्यम से रोजाना कम से कम 100 लोगों की सहायता कर रहे हैं और इस संख्या को बढ़ाने की तैयारी भी कर रहे हैं। इस पहल के ज़रिये शीरोज़ वर्षों से मिले प्यार और समर्थन के लिए समाज का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। सर्वाइवर्स अनिश्चित हैं कि क्या वे अब अपने कैफे को वापस चला सकते हैं, हालांकि, वे इस टिफ़िन सेवा या छोटे गेट-टुगेदर के लिए खानपान प्रदान करने के व्यवसाय में बदलकर इस पहल को जारी रखना चाहते हैं। एसिड अटैक सर्वाइवर्स द्वारा यह परोपकारी कार्य सहानुभूति का एक सबक है जिससे हम सबको प्रेरणा मिलती है।

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