आगरा – लखनऊ एक्सप्रेसवे देश के सबसे उच्चस्तरीय एक्सप्रेसवे में से एक है। करीब 302 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस वे आगरा-लखनऊ के बीच की 6 घंटे की दूरी को कम करता है जिसपर बड़ी संख्या में दो और चार पहिया वाहन तय रफ्तार से अधिक पर फर्राटा भरते है और कई बार भीषण दुर्घटना का शिकार हो जाते है, इसी के चलते अब आगरा एक्सप्रेस-वे पर अब ऑटोमैटिक चालान काटे जाएंगे और इसका विवरण परिवहन विभाग के पास सीधे पहुंचेगा। अभी तक नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) की ओर से लगाए कैमरों से चालान किए जाते थे और फिर उनका मैनुएल चालान परिवहन विभाग को भेजा जाता था, इसके बाद ई-चालान काटा जाता था।

अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर (Advanced Traffic Management System Software) को नेशनल इनफार्मेशन सिस्टम (National Information Systems) के इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ दिया है। इससे आगरा एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार वाहनों और यातायात नियमों को तोड़ने वालों के चालान में आसानी हो जाएगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के परियोजना अधिकारी मुदित गर्ग ने परिवहन आयुक्त को पत्र भेजकर एकीकृत योजना के सफल परिक्षण के बाद ऑटोमैटिक ई-चालान शुरू करने की बात कही है। 

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बनेंगे मानवरहित चार्जिंग सेंटर

उत्तर प्रदेश एक्‍सप्रेस वे औ‍द्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 40 प्रीपेड चार्जिंग स्टेशन बनाएगी और यह सभी इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट मानव रहित रहेंगे, जहां डिजिटल माध्यम से भुगतान कर वाहन चालक स्वयं चार्ज कर सकेंगे। चार्जिंग प्वाइंट के लिए सबसे पहले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे को तैयार किया जा रहा है। 310 किलोमीटर लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर 40 स्थानों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। यूपीडा के अनुसार, एक्सप्रेस-वे के प्रवेश द्वार यानी एंट्री प्वाइंट पर चार्जिंग प्वाइंट अवश्य रहेगा। इसके अतिरिक्त एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ 14-14 पर चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *