उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वासियों को जल्द ही अघोषित बिजली कटौती से बड़ी राहत मिलने वाली है। लखनऊ की बिजली अब ट्रांसमिशन सिस्टम की वजह से नहीं जाएगी, न ही अघोषित कटौती होगी। 465 करोड़ की लागत से तैयार जेहटा 400 केवी ट्रांसमिशन बिजलीघर 15 अगस्त को तोहफे के रूप में राजधानी को मिलने जा रहा है। अब 400 केवी कुर्सी रोड और 400 केवी सरोजनीनगर बिजलीघर में तकनीकी खामी आने पर भी बिजली सप्लाई चालू रहेगी। इससे 45 लाख की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही लगभग एक दशक तक डिमांड बढ़ने पर भी कोई समस्या नहीं आएगी।

इस बिजलीघर के चालू होने से लगभग डेढ़ सौ 33/11 केवी उपकेंद्र का इन्ही तीन 400 केवी बिजलीघर सरोजनीनगर, कुर्सी रोड और जेहटा से वाया 220 और 132 केवि ट्रांसमिशन उपकेंद्र से कनेक्ट हो जाएंगे। इस बिजलीघर को अभियंताओं की निगरानी में लगभग 3 साल में तैयार किया गया है। इसमें 220 केवी और 132 केवी के दो अन्य ट्रांसमिशन उपकेंद्र भी निर्माणधीन हैं। जिसका 20 जुलाई को निदेशक वीके खरे ने निरीक्षण किया था। उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ने लगभग 43 साल के बाद दूसरा 400 केवी बिजलीघर जेहटा बनवाया है। अधीक्षण अभियंता आशुतोष दीक्षित के मुताबिक, इससे पहले सरोजनीनगर बिजलीघर 1977 में चालू हुआ था।

मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन, पीयूष गर्ग ने कहा कि, जीई कंपनी के द्वारा जेहटा 400 केवी ट्रांसमिशन बिजलीघर का कार्य पूरा कर दिया गया है। अब बिजलीघर को चालू करने से पहले उसकी टेस्टिंग का शुभारंभ कराया गया। टेस्टिंग सफल होते ही 15 अगस्त की पूर्व संध्या तक बिजलीघर को चालू कर दिया जाएगा।

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