स्मार्ट सिटी कही जाने वाली उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कें बेहद ही ख़राब और खस्ताहाल हालत में हैं। आलम ये है कि आये दिन लोग इन सड़कों पर चोट खाते है हादसे होते है। स्मार्ट सिटी के तहत लखनऊ में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम तो बना दिया लेकिन उस ट्रैफिक को दौड़ाने के लिए शहर की अधिकांश सड़कें बेहद ख़राब है। नगर निगम की करीब 550 सड़कें पूरी तरह जर्जर है, एलडीए की ट्रांसपोर्ट नगर योजना, मानसरोवर, गोमती नगर विस्तार तथा जानकीपुरम विस्तार योजना की करीब 136 सड़कें खराब हैं, 22 से ज्यादा सड़कें आवास विकास की खराब हैं, इसके साथ ही बेमौसम हुई बारिश से शहर की 700 से ज्यादा सड़कें खराब हो गई हैं।

राजधानी के विभिन्न मोहल्लों तथा कॉलोनियों व प्राधिकरण की सीमा में शामिल गांव की सड़कों की हालत भी काफी ज्यादा खराब है। नगर निगम के पार्षदों के मुताबिक करीब 550 सड़कें बेहद जर्जर हैं। आवास विकास की वृंदावन कॉलोनी की करीब 22 सड़कें खराब हैं। हालांकि यह भी नगर निगम को हैंडओवर है। कुछ सेक्टर की सड़कें आवास विकास को भी बनानी हैं।

इन कॉलोनियों की सड़कें सबसे ज्यादा खराब

आलमबाग, एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड, तेलीबाग, बांग्ला बाजार क्षेत्र, तालकटोरा, राजाजीपुरम, पटेल नगर, छोटा बरहा, बड़ा बरहा, सुजानपुरा, आजाद नगर, जानकीपुरम, इस्माइल गंज, रकाबगंज, बल्दी खेड़ा, तपोवन नगर, चिल्लावां, सरोजिनीनगर सहित कई अन्य मोहल्लों व कॉलोनियों की सड़कें काफी खराब हैं।

राजाजीपुरम के ई-ब्लॉक का मुख्य मार्ग हो या सेक्टर-13 स्थित कमेटी हाल से तालकटोरा जाने वाली रोड, बारिश में लोगों के लिए मुसीबत होनी तय है। सड़क पर हुए एक से डेढ़ फुट गड्ढों में गिरकर आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। ई-ब्लाक में ही राजाजीपुरम की सबसे बड़ी सब्जी मंडी लगती है। यहां हर दिन लगभग 10,000 लोग खरीदारी करने आते हैं। बदहाल सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है। यह सड़क पिछले दो साल से खराब पड़ी है।

यहां के पार्षद शिवपाल सांवरियां ने कहा कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार नगर निगम के अधिकारियों को पत्र दिया जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बारिश में मुसीबत और बढ़ेगी। सड़क पर पानी भरने से हादसे भी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले दिनों हुई बारिश में कई लोग चोटिल हुए थे।जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। उबड़-खाबड़ सड़क पर चलना दूभर हो गया है। आए दिन दुर्घटना हो रही है। बारिश में यह समस्या और बढ़ जाएगी। इसी तरह स्टेडियम के पास, ए-ब्लॉक, पारा रोड, जलालपुर आदि सड़कों की है। और ठीक ऐसा ही हक लखनऊ कि अधिकांश सड़कों का है। 

लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर और हजरतगंज की सड़कें भी है बुरी हालत में

ऐसा ही कुछ हाल लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार की सेक्टर 6 की सड़कों का है। यहां सड़कें इतनी ज्यादा ख़राब है की इस इलाके के लोगों का जीना मुश्किल हो गया। ऊपर से बारिश के मौसम के कारण यहां सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं जिनमें पानी भर जाने के कारण लोगो हादसे का शिकार हो जाते हैं।

यहां सड़क पर कीचड़ और जलभराव की भरमार है। यह सड़क करीब 2 साल से ख़राब है। एक समस्या ये भी है की यहां नाली नाला का निर्माण नहीं हुआ जिसकी वजह से भी यहां सड़कों पर पानी भर जाता है। इलाके के लोगो के मुताबिक यहां न तो नगर निगम न ही एलडीए कोई भी नहीं आता।

वहीं लखनऊ के हजरतगंज, लालबाग, नगर निगम कार्यालय, के पास की सड़कों बेहद बुरा हाल है। यहां ख़राब सड़कों की वजह से धुल मिट्टी उड़ती रहती है जिससे प्रदुषण तो होता ही है, साथ इन मार्गो की सडकों पर चलना खतरनाक भी है। 

शहर की ये प्रमुख सड़कें सबसे ख़राब, ख़राब सड़कों की वजह से लोग हो रहे घायल 

के. डी. सिंह बाबू स्टेडियम से चिरैया झील चौराहा तक

पुरनिया चौराहे से सेक्टर क्यू होते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे तक

कुकरैल बंधा से यस कार बाजार तक

मुंशीपुलिया चौराहे से अरविंदो पार्क तक

नीलगिरि चौराहे से आम्रपाली होते हुए सेक्टर 25 चौराहा तक

बीबीएयू से रेलवे क्रासिंग तक

नाबार्ड से पराग तिराहा तक

बंगला बांग्ला बाजार चौराहे से कानपुर रोड तक

सीडीआरआइ से लखनऊ विश्वविद्यालय नया परिसर

जानकीपुरम की कई सड़कें

कल्याणपुर कंचना बिहारी मार्ग

हुसैनगंज तिराहा से लाटूश रोड

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