मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास एल यथिराज ने टोक्यो पैरालिंपिक में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।

आइएएस अफसर सुहास एल वाइ (यतिराज) ओलिंपिक खेलों में पदक जीतने वाले देश के पहले प्रशासनिक अधिकारी है

सुहास एलवाइ वर्ष 2007 में यूपी कैडर से आइएएस अधिकारी बने थे।

आईएएस सुहास एलवाई पिछले 1 साल से गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी की कमान संभाल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस सुहास एलवाई ने टोक्यो पैरालिंपिक में इतिहास रचते हुए बैडमिंटन में देश को सिल्वर मैडल दिलाया। आईएएस सुहास एलवाई की इस सफलता के पीछे लखनऊ में बीबीडी बैडमिंटन अकादमी के कोच गौरव खन्ना का बड़ा योगदान है। शटलर अबु हुबैदा बताते है कि साल 2015 में आजमगढ़ में सुहास एलवाई और गौरव खन्ना की एक एक समारोह में मुलाकात हुई थी। तब गौरव खन्ना ने ही उनसे पैरा बैडमिंटन में हाथ आजमाने को कहा था। सुहास एलवाई ने कोच गौरव खन्ना की बात मानी और ट्रेनिंग के लिए लखनऊ चले आए।

सुहास एलवाई ने लखनऊ में ही ट्रेनिंग ली है

बैडमिंटन कोर्ट पर सुहास एलवाई का जोश और उनकी फुर्ती और खेलने के अंदाज को देखकर सब यही कहते थे कि सुहास एक दिन ओलिंपिक में मैडल जरूर जीतेंगे। साल 2016 में सुहास एलवाई और अबु हुबैदा ने एशियाई चैंपियनशिप में पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेला था। एकल में सभी चौकाते हुए सुहास ने गोल्ड जीता। साल 2016-2018 तक आईएएस सुहास एलवाई ने लखनऊ में ही ट्रेनिंग ली है।

जानिये आईएएस सुहास एलवाई के बारे में कुछ अहम बातें 

आपको बता दें कि आईएएस सुहास एलवाई पिछले 1 साल से गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी की कमान संभाल रहे हैं। सुहास एलवाइ दाहिने पैर से दिव्यांग हैं। उनके करीबियों की मानें वह हमेशा अपने बुलंद इरादों और साहसिक निर्णय के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि जब सुहास एलवाइ ने गौतमबुद्धनगर में जिलाधिकारी का पद संभाला था, तब जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण चरम पर था। हालात बदतर होने लगे थे और ऐसे में यूपी के सीएम उन्हें गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी की कमान सौंपी थी। डीएम सुहास एलवाइ ने भी इसे चुनौती की तरह लिया और आखिकार कोरोना पर काबू पाने में कामयाब हुए। सुहास एलवाइ ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रभाव और खतरे को रोकने के लिए तमाम तरह के साहसिक कदम उठाए, नतीजतन कोरोना हारा और सुहास एलवाइ का प्रबंधन जीता। सुहास एलवाइ वर्ष 2007 में यूपी कैडर से आइएएस अधिकारी बन गए, इस दौरान उनकी तैनाती आगरा में हुई। इसके बाद जौनपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, हाथरस, महाराजगंज प्रयागराज और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी हैं। 

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